रांची : कमजोर मॉनसून ने किया परेशान, बिचड़ा तक तैयार नहीं

सीधी बुआई से 118 हजार हेक्टेयर में लगा धान, करीब 1800 हजार हेक्टेयर में धान लगाने का है लक्ष्य रांची : इस बार झारखंड में करीब 15 दिन देर से आये मॉनसून का असर खरीफ की खेती पर दिख रहा है. अब तक खेतों में बिचड़ा भी तैयार नहीं हुआ है. सीधी बुआई से कहीं-कहीं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
सीधी बुआई से 118 हजार हेक्टेयर में लगा धान, करीब 1800 हजार हेक्टेयर में धान लगाने का है लक्ष्य
रांची : इस बार झारखंड में करीब 15 दिन देर से आये मॉनसून का असर खरीफ की खेती पर दिख रहा है. अब तक खेतों में बिचड़ा भी तैयार नहीं हुआ है. सीधी बुआई से कहीं-कहीं धान लगाये गये हैं. इससे अब तक करीब 118 हजार हेक्टेयर में धान लगाये गये हैं. राज्य के कई जिलों में सीधी बुआई से खेती होती है.
कृषि विभाग ने इस वर्ष करीब 1800 हजार हेक्टेयर में धान लगाने का लक्ष्य रखा है. इस बार 21 जून को मॉनसून झारखंड में आया है. मॉनसून की बारिश भी जून माह में अच्छी नहीं हुई. सामान्य से करीब 55 फीसदी बारिश की कमी जून माह में रही. जुलाई के पहले दिन बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बनने के कारण बारिश हो रही है. इससे खेतों में जुताई शुरू हुई है.
झारखंड में विभिन्न फसलों की स्थिति
फसल लक्ष्य लगाया गया
धान 1800 118
मक्का 321.5 8.26
दलहन 612.9 2.65
तेलहन 60.00 1.21
(नोट : लक्ष्य हजार हेक्टेयर में)
अगस्त के पहले सप्ताह तक होता है रोपा
झारखंड में अगस्त के पहले सप्ताह तक रोपा होता है. वैसे बीएयू के वैज्ञानिक डॉ ए बदूद कहते हैं कि जुलाई में रोपा का काम समाप्त हो जाना चाहिए. ऊपरी और मध्यम जमीन में 20 जुलाई तक रोपा करने का सही समय है.
बारिश नहीं होने के कारण बिचड़ा भी बड़े पैमाने पर तैयार नहीं हो पा रहा है. बिचड़ा तैयार होने में करीब 21 दिन का समय लगता है. इसके बाद ही रोपा हो पायेगा. इससे खेती में देर होने की उम्मीद है. प्रगतिशील किसान श्री विधि से भी धान की खेती कर सकते हैं. श्री विधि में 10 से 15 दिनों का धान का पौधा भी लगाया जा सकता है.
75 हजार क्विंटल बीज उपलब्ध करा रही सरकार
कृषि विभाग चालू खरीफ में किसानों को करीब 75 हजार क्विंटल धान का बीज किसानों को उपलब्ध करा रही है. इसके लिए विभाग ने राष्ट्रीय बीज निगम को करीब 25 हजार क्विंटल बीज आपूर्ति का आदेश दिया है. कई जिलों में बीज पहुंच भी गया है. विभाग करीब 35 हजार क्विंटल बीज ग्राम से ले रहा है. किसानों को बीज 50 फीसदी अनुदान में दिया जा रहा है. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में बीज पहुंच गया है. इसके अतिरिक्त किसानों को नि:शुल्क डेमोस्ट्रेशन (प्रत्यक्षण) के बीज का वितरण भी हो रहा है.
जिलावार वैकल्पिक खेती की तैयारी शुरू
विभाग ने मंगलवार को राज्य के कई जिलों के कृषि पदाधिकारियों को वैकल्पिक खेती की योजना की जानकारी दी. यह योजना बिरसा कृषि विश्वविद्यालय ने तैयार करायी है.
बीएयू ने सभी जिलों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक खेती की योजना तैयार की है. कृषि विभाग के उपनिदेशक मुकेश सिन्हा के अनुसार अभी स्थिति बहुत खराब नहीं है. इसके बावजूद विभाग तैयारी कर रहा है. जिलों को तैयार करने को कहा गया है. जैसे ही स्थिति बिगड़ेगी, जिलों से सहयोग मांगा जायेगा.
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