रांची : रिम्स के मेडिसिन वार्ड में डॉ विद्यापति की यूनिट में भर्ती मरीज बलदेव की मौत शनिवार को हो गयी. मौत के समय उसके पास उसका 10 साल का बेटा मौजूद था. इस संबंध में बच्चे ने बताया कि डॉक्टरों ने राशन की मांग की थी. उसे लाने के लिए मां चतरा गयी है.
इसी बीच पिता की मौत हो गयी. जब इसकी जानकारी अधीक्षक को मिली, तो उन्होंने इलाज कर रहे डॉक्टर विद्यापति को बुला कर मामले की जानकारी ली. शव ले जाने के लिए जिंदगी मिलेगी दोबारा संस्था ने एंबुलेंस मुहैया करायी डॉ विद्यापति ने बताया कि मरीज दो दिन पहले भर्ती कराया गया था. वह टीबी से पीड़ित था. उसका इलाज चल रहा था.
एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही थीं. लक्षण के आधार पर सारी दवाएं दी जा रही थीं. परिजन से राशन कार्ड या उसका नंबर मुहैया कराने को कहा गया था, जिससे आगे की जांच मुफ्त में मुहैया करायी जा सके. ऐसा नहीं है कि राशन कार्ड नहीं होने के कारण उसकी जांच नहीं करायी गयी. अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने बताया कि मामले में लापरवाही प्रतीत नहीं होता है. सोमवार को विस्तृत जानकारी ली जायेगी. फिर इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
