रांची : जिनका नाम वोटर कार्ड में नहीं जुड़ पाया है या कार्ड में किसी प्रकार का सुधार करना है, तो एक बार फिर से ऑफलाइन व ऑनलाइन पोर्टल खुल गया है. ऑनलाइन पोर्टल लगातार खुला रहेगा. वहीं, लोकसभा चुनाव के पहले जितने भी नाम मतदाता सूची में शामिल किये गये हैं, उन्हें अब तक वोटर कार्ड उपलब्ध नहीं हो पाया है. बताया जाता है कि अब तक 30 हजार मतदाताओं को वोटर कार्ड उपलब्ध कराया गया है. वोटर कार्ड तैयार करने की जिम्मेदारी निजी एजेंसी कमांड कंसल्टेंसी को दी गयी है.
वोटर कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए कर सकते हैं आवेदन

वोटर कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए कर सकते हैं आवेदन
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रांची : जिनका नाम वोटर कार्ड में नहीं जुड़ पाया है या कार्ड में किसी प्रकार का सुधार करना है, तो एक बार फिर से ऑफलाइन व ऑनलाइन पोर्टल खुल गया है. ऑनलाइन पोर्टल लगातार खुला रहेगा. वहीं, लोकसभा चुनाव के पहले जितने भी नाम मतदाता सूची में शामिल किये गये हैं, उन्हें अब तक […]
कार्ड बनने से पहले कई प्रक्रियाओं से गुजरता है आवेदन
मतदाता तक कार्ड पहुंचने से पहले आपका आवेदन कई प्रक्रियाओं से होकर गुजरता है. पहले आवेदन भरा जाता है. उस आवेदन के लिए बीएलओ नियुक्त किये जाते हैं, जो आपके आवेदन के अनुसार दिये गये पते को वेरीफाई करते हैं. इसके बाद बीएलओ उस आवेदन को सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को भेज देते हैं.
सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी उक्त आवेदन को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को भेजते हैं. निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी आवेदन को स्वीकृत या अस्वीकृत करत सकते हैं. आवेदन स्वीकृत किये जाने के बाद इपिक नंबर जेनरेट होता है. इपिक नंबर के जरिये इ-रोल में अपडेट किया जाता है. इसके बाद इ-रोल का पीडीएफ तैयार किया जाता है. इन सब प्रक्रियाओं के बाद वोटर कार्ड बनता है.