वर्चस्व की लड़ाई में हुई थी पुंदाग के टुंगरी पहाड़ी पर मो अफजल की हत्या
तबरेज की प्रेमिका पर भी थी अफजल की नजर
रांची : वर्चस्व की लड़ाई में पुंदाग के टुंगरी पहाड़ी पर 28 मई की देर रात मो अफजल की हत्या कर दी गयी थी. मो अफजल साेनू इमरोज की जगह लेना चाहता था, जबकि मो तबरेज खुद को साेनू इमरोज के उत्तराधिकारी के रूप में देखता था. इसी को लेकर दोनों में हमेशा विवाद होता था.
इतना ही नहीं मो तबरेज की प्रेमिका (तलाकशुदा महिला) पर अफजल की नजर थी. मो तबरेज ने टुंगड़ी पहाड़ी के पास अपनी प्रेमिका को आवास भी दिलाया है. इसे लेकर भी मो तबरेज से मो अफजल का हमेशा विवाद होता था. मो तबरेज के साथ गिरोह में काला पप्पू भी शामिल है. वह सोनू इमरोज के गिरोह में भी शामिल था. सोनू इमरोज की हत्या के बाद वे लोग स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे.
इधर, रविवार की रात काला पप्पू बड़ा तालाब के पास किसी घटना को अंजाम देने के लिए देसी रिवाल्वर के साथ घूम रहा था. उसी समय कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.
यह जानकारी कोतवाली डीएसपी अजीत कुमार विमल ने पत्रकारों को दी. साथ ही डिबडीह निवासी सरना समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला करने के लिए सुपारी देने वाला अजय तिर्की व अपराधी मो भोलू उर्फ सलीम को भी गिरफ्तार किया गया है. तीनाें को कोतवाली थाना में मीडिया के समक्ष पेश किया गया़
काला पप्पू के पास से पुलिस ने एक देसी रिवाल्वर व एक गोली बरामद की है. उसने पुलिस को बताया कि मो अफजल की हत्या में वह खुद, तबरेज, नागा, साफो का बेटा तथा अन्य युवक शामिल थे. अफजल की हत्या से पहले उनलोगों ने अफजल को पहलेे नशे का सेवन कराया, फिर तबरेज ने उसके पेट में भुजाली सेे वार कर दिया.
इसके बाद काला पप्पू ने उसका गला रेत दिया. इसके बाद अन्य लोगों ने चाकू से अफजल के शरीर पर कई वार किये. इसके पूर्व उस पर एक फायर भी किया गया था, लेकिन गोली मिस फायर हो गयी. इसके बाद उस पर भुजाली से वार किया गया. काला पप्पू पहले भी आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका है़
