रांची : राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने मुख्य सचिव डीके तिवारी को पत्र लिख कर झारखंड में शहरी विकास की योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन के तरीकों में सुधार की जरूरत बतायी है. इन मामलों में हस्तक्षेप का आग्रह किया है.
श्री पोद्दार ने कहा है कि राज्य में सड़कों के किनारे निर्मित नालियों में एंडटूएंड कनेक्टिविटी का अभाव है. जिसकी वजह से इन नालियों में जहां-तहां गंदा पानी जमा रहता है. श्री पोद्दार कहा है कि ऐसे बेतरतीब निर्माण जिम्मेवार धिकारियों/अभियंताओं की क्षमता पर प्रश्नचिन्ह हैं. उन्होंने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक तथा बिरसा चौक से राजभवन तक की प्रस्तावित स्मार्ट सड़क के किनारे बनाये जा रहे यूटिलिटी डक्ट के आकार को भी जरूरत से काफी ज्यादा चौड़ा बताया है.
उन्होंने बेंगलुरु एवं अन्य शहरों में बने मात्र तीन फीट चौड़े डक्ट का उदाहरण देकर उसका अनुकरण करने का आग्रह किया है. श्री पोद्दार ने जानना चाहा है कि इतनी महंगी स्मार्ट सड़क हम प्राथमिकता के आधार पर क्यों बना रहे हैं? हमारी प्राथमिकता पूरे शहर में जलजमाव से मुक्ति और नागरिकों के लिए पेयजल का समुचित प्रबंध होना चाहिए था.
श्री पोद्दार ने सुझाव दिया है कि ऐसी सभी योजनाओं के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शहरीकरण के अनुभवी लोगों के साथ एक बैठक हो. जिसमें इन योजनाओं के खर्च, नफा-नुकसान और उपयोगिता पर सार्थक चर्चा हो. बैठक के बाद सरकार को यह अवगत करा दिया जाये, कि ऐसी योजनाएं वास्तव में जनहित में हैं या इनमें संशोधन की आवश्यकता है.
