अनियमितता पर पीएमओ ने मुख्य सचिव से मांगा जवाब

संदीप सावर्ण, जमशेदपुर/रांची : छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा में अनियमितता बरतने की शिकायत जमशेदपुर के बागुननगर के जयनारायण ने प्रधानमंत्री कार्यालय से की थी. इसको लेकर पीएमओ ने झारखंड के मुख्य सचिव को मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है. पीएमओ के अंडर सेक्रेटरी एसपीआर त्रिपाठी ने उक्त पत्र जारी किया है. हालांकि कितने […]

संदीप सावर्ण, जमशेदपुर/रांची : छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा में अनियमितता बरतने की शिकायत जमशेदपुर के बागुननगर के जयनारायण ने प्रधानमंत्री कार्यालय से की थी. इसको लेकर पीएमओ ने झारखंड के मुख्य सचिव को मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है. पीएमओ के अंडर सेक्रेटरी एसपीआर त्रिपाठी ने उक्त पत्र जारी किया है.
हालांकि कितने दिनों में जवाब देना है, इससे संबंधित बातें पत्र में अंकित नहीं की गयी है. गौरतलब है कि जेपीएससी की छठी परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आरोप लगाया गया था. इसकी जांच सीबीआइ से करवाने की मांग की गयी थी.
पीएमअो में इन बिंदुअों पर की गयी थी शिकायत
1. जेपीएससी के पूर्व सचिव जगजीत सिंह 28 मार्च 2017 को आयोग में नियुक्त किये जाते हैं, लेकिन वे एक वर्ष के बाद अध्यक्ष को बताते हैं कि मुख्य परीक्षा में उनका पुत्र भी शामिल हो रहा है.
साथ ही अपने पुत्र के अभ्यर्थी होने की बात को एक लंबे समय तक सरकार से छुपाये रखते हैं. आखिर किन कारणों से मुख्य परीक्षा के ठीक पांच दिन पहले जेपीएससी सचिव जगजीत सिंह का स्थानांतरण अन्यत्र कहीं और कर दिया जाता है.
2. जेपीएससी में सहायक के पद पर कार्यरत लगभग 15 से ज्यादा कर्मी ऐसे हैं, जिन्होंने छठी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास की है, लेकिन वे शुरू से लेकर अंत तक मुख्य परीक्षा के फॉर्म की स्क्रूटनी से लेकर अन्य सभी कार्यों को निपटा रहे थे. बाद में वे सभी मुख्य परीक्षा में शामिल होते हैं और परीक्षा समाप्ति पर उनका तबादला अन्य विभागों में कर दिया जाता है.
3. जेपीएससी इस बार मुख्य परीक्षा में रिजेक्ट हुए 7,049 अभ्यर्थियों का रिजेक्शन लिस्ट जारी नहीं करता है और सभी रिजेक्ट अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में बैठने का अवसर प्रदान कर देता है.
4. मुख्य परीक्षा के दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षकों द्वारा लगातार अपने मोबाइल का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो सर्वथा अनुचित प्रतीत होता है.
5. मुख्य परीक्षा के दौरान परीक्षकों द्वारा आधे घंटे पहले क्लास रूम में जो प्रश्न पत्र लाया जाता था, वे सील नहीं होते थे.
6. मुख्य परीक्षा के आखिरी दिन पुरुलिया रोड स्थित संत अन्ना स्कूल केंद्र पर एक अभ्यर्थी को जनरल साइंस का जो प्रश्न पत्र दिया गया, उसके ऑब्जेक्टिव उत्तरों में पहले से ही पेंसिल से टिक मार्क लगा हुआ था.
अभ्यर्थी ने उक्त बात की शिकायत परीक्षा केंद्र पर उपस्थित मजिस्ट्रेट से की, जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने उस अभ्यर्थी की सारी बातों व प्रश्न पत्र की रिकॉर्डिंग करायी. लेकिन परीक्षा समाप्ति के बाद मजिस्ट्रेट ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की.
7. जेपीएससी के सचिव रणेंद्र कुमार का अखबारों में बयान आता है कि मुख्य परीक्षा का प्रश्न पत्र दो वर्ष पहले प्रिंट हो गया था, जो ट्रेजरी में रखा हुआ था.

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