ऑड्रे हाउस में नाटक ”महारथी” व ”कथन शालवन के अंतिम साल की” का मंच

रांची : ऑड्रे हाउस में शनिवार दो नाटक का मंचन किया गया. पहला नाटक ‘महारथी’ व दूसरा नाटक पद्मश्री रामदयाल मुंडा द्वारा रचित ‘कथन शालवन के अंतिम साल की’ का मंचन किया गया. नाटकों के जरिये समाज में फैली कुरीतियों को दिखाते हुए लोगों को सोचने पर मजबूर किया गया. महारथी प्रख्यात नाटककार, अभिनेता, निर्देशक, […]

रांची : ऑड्रे हाउस में शनिवार दो नाटक का मंचन किया गया. पहला नाटक ‘महारथी’ व दूसरा नाटक पद्मश्री रामदयाल मुंडा द्वारा रचित ‘कथन शालवन के अंतिम साल की’ का मंचन किया गया. नाटकों के जरिये समाज में फैली कुरीतियों को दिखाते हुए लोगों को सोचने पर मजबूर किया गया. महारथी प्रख्यात नाटककार, अभिनेता, निर्देशक, पटकथा एवं संवाद लेखक विभांशु वैभव द्वारा लिखित नाटक है.

इसका निर्देशन अमूल सागर नाथ ने किया. इस नाटक के माध्यम से महाभारत के कर्ण की जीवनी देखने को मिलती है, जो कि इस नाटक का महारथी है. इसके जरिये जाति, वर्ण, ऊंच-नीच के हिसाब से व्यक्ति को तोलना व समाज से उसका बहिष्कार करना आदि मुद्दों पर चोट किया गया.
वहीं ‘कथन शालवन के अंतिम साल की’ नाटक के जरिये लोगों को यह दिखाया गया कि अगर हम विकास की इस अंधी दौड़ में इसी प्रकार से पेड़ों की कटाई करते रहे, तो मानव का विनाश तय है.
नाटक में दिखाया गया कि जंगल काट कर इमारतें बनायी जाती हैं व कारखाने लगाये जाते हैं, पर बदले में जंगल के आदिवासियों को क्या मिलता है. प्रदूषित जल, वायु, बंजर भूमि व कई प्रकार की बीमारियां. पर्यावरण की रक्षा का संदेश दिया गया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >