रांची : महारैली को एसडीओ ने अनुमति दी, फिर स्थगित कराया

हरमू मैदान में होनेवाली जयस की रैली में शामिल होने के लिए आनेवाले लोगों को जबरन वापस भेजा गया रांची : जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) द्वारा सोमवार को हरमू मैदान में आयोजित आदिवासी अस्तित्व बचाओ महारैली सह सरहुल मिलन समारोह को अनुमंडल पदाधिकारी ने अचानक स्थगित करा दिया. मैदान में बड़ी संख्या में पुलिस […]

हरमू मैदान में होनेवाली जयस की रैली में शामिल होने के लिए आनेवाले लोगों को जबरन वापस भेजा गया

रांची : जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) द्वारा सोमवार को हरमू मैदान में आयोजित आदिवासी अस्तित्व बचाओ महारैली सह सरहुल मिलन समारोह को अनुमंडल पदाधिकारी ने अचानक स्थगित करा दिया. मैदान में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया.

जयस के प्रदेश प्रभारी संजय पाहन ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी को महारैली की अनुमति के लिए लिखित रूप से छह मार्च को आवेदन दिया गया था और उन्होंने 23 मार्च को इसकी लिखित अनुमति दी थी. गुमला रोड, टाटा रोड, रामगढ़ रोड व खूंटी रोड में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आनेवाले लोगों को जबरन वापस भेज दिया गया. आदिवासी समुदाय किसी प्रकार की दमनकारी नीति बर्दाश्त नहीं करता और इसका खामियाजा सरकार को आगामी लोकसभा चुनाव में भुगतना होगा़

आदिवासी मुद्दों को लेकर थी महारैली : उन्होंने बताया कि यह महारैली आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार, आदिवासी बनने की होड़ में लगे गैर आदिवासियों (तेली/कुरमी/महतो/सहदेव आदि) पर रोक लगाने, सरना धर्म को सूचीबद्ध करने, वनभूमि से 20 लाख आदिवासियों को बेदखल करने और सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक समता जजमेंट -1997 के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में सभी तरह के खनिज संसाधनों के उत्खनन व विपणन के विषय पर थी.

इसे लेकर पिछले एक महीने से पूरे राज्य में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया गया था और इस महारैली के लिए संथाल परगना प्रमंडल के साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, दुमका, देवघर, जामताड़ा, छोटानागपुर के रांची, गुमला, लोहरदगा, खूंटी व कोल्हान प्रमंडल के लोग बड़ी संख्या में जुट गये थे़

आदिवासी विरोधी है झारखंड सरकार का चेहरा : आयोजक

इधर, आदिवासी अस्तित्व बचाओ महारैली पर प्रशासन के रोक लगाने पर सरना धर्म के अगुवा वीरेंद्र भगत, राष्ट्रीय सरना युवा संघ के अध्यक्ष सूरज खलखो, ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन (आमया) के अध्यक्ष एस अली, जयस के संथाल प्रभारी सुनील हेंब्रम ने निंदा करते हुए कहा कि सरकार का चेहरा आदिवासी विरोधी है़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >