रांची : पावर टिलर वितरण की हो रही है जांच

रांची : पूरे राज्य में पावर टिलर व अन्य कृषि उपकरण वितरण की जांच हो रही है. कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने संताल परगना के दौरा के दौरान पावर टिलर वितरण में गड़बड़ी की संभावना जतायी थी. उन्होंने ग्रीव्स कंपनी द्वारा बांटे गये पावर टिलर की जांच का निर्देश दिया था. इसके बाद विभाग द्वारा […]

रांची : पूरे राज्य में पावर टिलर व अन्य कृषि उपकरण वितरण की जांच हो रही है. कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने संताल परगना के दौरा के दौरान पावर टिलर वितरण में गड़बड़ी की संभावना जतायी थी. उन्होंने ग्रीव्स कंपनी द्वारा बांटे गये पावर टिलर की जांच का निर्देश दिया था.
इसके बाद विभाग द्वारा संयुक्त सचिव और उप सचिव स्तर के अधिकारियों की तीन टीम बनाकर पूरे राज्य में जांच करायी जा रही है. मंत्री ने पीत पत्र में लिखा है कि राज्य भ्रमण के दौरान 2017-18 में कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह को पावर टिलर दिया गया था है.
इसमें काफी अनियमितता बरती गयी है. खासकर संताल परगना प्रमंडल में ग्रीव्स कंपनी द्वारा पावर टिलर वितरण के पश्चात लाभुकों से पुन: लेकर बाजार में बेच दिया जाता है. अत : पूरे राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों को जितने प्रकार के कृषि यंत्र वितरित किये गये हैं, उनके मानक तथा भौतिक स्थिति की जांच करायी जाये.
उपयोग नहीं होने व बिहार भेजे जाने की भी शिकायत : इतना ही नहीं पावर टिलर के उपयोग नहीं होने की शिकायत भी होती रही है. बताया जाता है कि कई लाभुक इसको लेकर उपयोग नहीं कर रहे हैं. बिहार से सटे जिलों में तो कई किसानों द्वारा सरकारी योजना के तहत लाभ लेकर बिहार में बेचे जाने की शिकायत भी की गयी है.
काफी उपयोगी है पावर टिलर : बीएयू के एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग विभाग के डीन डॉ डीके रुसिया कहते हैं कि पावर टिलर काफी उपयोगी है. काफी कम कीमत पर किसानों के लिए उचित है. केवल मेढ़ पार करने में परेशानी होती है. पांच से छह इंच की अच्छी गहराई हो जाती है. इसके कई उपयोग हैं. यह ट्रांसपोर्टिंग का भी काम करता है. यह ट्रैक्टर से ज्यादा उपयोगी है. कम कीमत पर भी उपलब्ध है.

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