रांची : हाइकोर्ट में शुक्रवार को राज्य के जलस्रोतों के संरक्षण व साफ-सफाई को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस एचसी मिश्र की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जलस्रोतों व भूमिगत जल की मॉनिटरिंग के लिए उच्च स्तरीय बोर्ड बनाने का निर्देश दिया.
कहा कि जो बोर्ड बनायी जाये, वह स्थायी हो. उसमें विशेषज्ञ भी शामिल किये जाने चाहिए. बोर्ड राज्य में जल की उपलब्धता की लगातार मॉनिटरिंग करे. किन क्षेत्रों में भूमिगत जल की क्या स्थिति है. किन क्षेत्रों में पानी कम है या पानी कम हो रहा है, यदि कम हो रहा है, तो ऐसा क्यों हो रहा है, उसे कैसे रोका जा सकता है, सरकार को क्या कदम उठाना चाहिए, उस पर बोर्ड नजर रखे तथा सुझाव भी दे.
यह भी जानना चाहा कि पानी की उपलब्धता का क्या कोई सर्वे किया गया है. खंडपीठ ने राज्य सरकार को भूमिगत व सतही जल की उपलब्धता को लेकर व्यापक रिपोर्ट तैयार करने को कहा. खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व राज्य सरकार की अोर से बताया गया कि ग्रामीण इलाकों में पेयजल की आपूर्ति व उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है. इसके लिए चापानल लगाने, पाइपलाइन बिछाने सहित कई कदम उठाये गये हैं.
