अब मॉल और डिपार्टमेंटल स्टोर में मिलेगी शराब, जानें कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में

शराब बिक्री की प्रणाली में संशोधन रांची : कैबिनेट ने शराब बिक्री की वर्तमान प्रणाली को समाप्त करते हुए पुरानी प्रणाली में कुछ संशोधन के साथ लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत अब खुदरा शराब की बिक्री निजी व्यक्तियों को दुकान आवंटित कर की जायेगी. प्रीमियम क्वालिटी की शराब की बिक्री मॉल और […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
शराब बिक्री की प्रणाली में संशोधन
रांची : कैबिनेट ने शराब बिक्री की वर्तमान प्रणाली को समाप्त करते हुए पुरानी प्रणाली में कुछ संशोधन के साथ लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत अब खुदरा शराब की बिक्री निजी व्यक्तियों को दुकान आवंटित कर की जायेगी. प्रीमियम क्वालिटी की शराब की बिक्री मॉल और बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में भी होगी.
बुधवार को कैबिनेट ने शराब बिक्री की पुरानी प्रणाली को लागू करने के साथ ही देसी शराब बनाने और बॉटलिंग से संबंधित पहले से तय नियम में तब्दीली कर दी है.
संशोधित नियम के तहत अब कोई भी व्यक्ति राज्य में देसी और मसालेदार शराब के उत्पादन के लिए प्लांट लगा सकता है. पहले भी प्लांट लगाने और बॉटलिंग का प्रावधान था, लेकिन बिक्री के लिए क्षेत्र निर्धारित था. अब क्षेत्र के प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया है. देसी शराब अब पाउच के बदले सिर्फ बोटल में ही मिलेगी. शराब निर्माताओं को राज्य सरकार की ओर से निर्धारित लाइसेंस दिया जायेगा.
शराब की गुणवत्ता प्लांट की टेक्निकल स्पेशिफिकेशन और मूल्य का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा. शराब की खुदरा बिक्री के लिए दुकानों का आवंटन इ-लॉटरी के माध्यम से किया जायेगा. खुदरा बिक्री के लिए दुकानदारों को तीन साल के लिए लाइसेंस जारी किया जायेगा.
1500 दुकानों से बिकेगी शराब
खुदरा शराब बिक्री के लिए दुकानों की अनुमानित संख्या करीब 1500 होगी. नयी नीति के तहत सरकार ने मॉल और बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में 1000 रुपये से अधिक कीमत वाली शराब बेचने का लाइसेंस देने का फैसला किया है. हालांकि किस शहर में कितने मॉल और डिपार्टमेंट स्टोर में कितने शराब की बिक्री की जायेगी, इसका फैसला नहीं किया गया है. शराब बिक्री का नया नियम अगले वित्तीय वर्ष से प्रभावी होगा.
चार प्रमंडलों में क्षेत्रीय विकास प्राधिकार बनेगा
कैबिनेट ने कोल्हान, पलामू, उत्तरी छोटानागपुर और संताल परगना में क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के गठन का फैसला किया है. रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार का क्षेत्र बढ़ाने का फैसला किया है. इसमें अब गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और खूंटी जिले को शामिल कर लिया गया है.
कोल्हान में पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा और पश्चिमी सिंहभूम जिले को शामिल किया गया है. इसका मुख्यालय जमशेदपुर में होगा. पलामू क्षेत्रीय विकास प्राधिकार में पलामू, गढ़वा, लातेहार जिले को शामिल किया गया है. इसका मुख्यालय मेदनीनगर में होगा. संताल परगना में दुमका, देवघर, पाकुड़, साहेबगंज, गोड्डा और जामताड़ा जिले को शामिल किया गया है. इसका मुख्यालय दुमका होगा. उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार में धनबाद, चतरा, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और रामगढ़ जिले को शामिल किया गया है.
खुदरा बिक्री के लिए दुकानदारों को तीन साल के लिए लाइसेंस जारी किया जायेगा
90 फीसदी अनुदान पर किसानों को बीज देगी सरकार
खरीफ में सुखाड़ा और हथिया नक्षत्र में बारिश कम होने की वजह से रबी फसल को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने किसानों को 90 फीसदी अनुदान पर बीज देने का फैसला किया है. चालू रबी के मौसम में यह लाभ किसानों को दिया जायेगा. कैबिनेट ने विधानमंडल के सचेतक का क्षेत्रीय भत्ता 50 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 65 हजार रुपये करने का फैसला किया है. विधायकों का क्षेत्रीय भत्ता प्रतिमाह 65 हजार रुपये निर्धारित है. सचेतक का भत्ता कम होने के कारण इसे विधायकों के बराबर किया गया है.
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्टार (निगरानी) मुश्ताक अहमद को बरखास्त करने का फैसला
अपुनरीक्षित वेतनमान वाले कर्मियों का महंगाई भत्ता 142% से बढ़ाकर 148 % करने का फैसला
31 मार्च 2017 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की सोशल ऑडिट रिपोर्ट पेश करने की स्वीकृति
लातेहार में 2.41 करोड़ के भुगतान पर रेल परियोजना के लिए 19.76 एकड़ जमीन देने की स्वीकृति
रांची के हेहल में नारकोटिक्स का क्षेत्रीय कार्यालय बनाने के लिए 14 एकड़ जमीन देने का फैसला
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
अंगीभूत महाविद्यालयों में बहुद्देशीय परीक्षा भवनों के लिए 48.72 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति
रुसा में प्रोजेक्ट डेवलपमेंट बोर्ड के फैसले के आलोक में 10 नये डिग्री कॉलेज के स्थापना की फैसला. इसमें केंद्र और राज्य की भागीदारी 60 और 40 करने का फैसला
– बोकारो में 7.20 लाख की लागत पर ओएनजीसी को 16 एकड़ जमीन लीज पर देने का फैसला
– सरायकेला में केंद्रीय विद्यालय बनाने के लिए 7.01 एकड़ मानव संसाधन मंत्रालय को देने का फैसला
– भारतनेट फेज-2 के प्राक्कलन को 420.44 करोड़ से बढ़ाकर 637.44 करोड़ करने का फैसला
– छत पर सोलर प्लांट लगाने की नीति को स्वीकृति
– जीएसटी संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश करने को मंजूरी
– रुसा के तहत जमशेदपुर महिला महाविद्यालय को विवि का बनाने के लिए 89.26 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति
– नगर ऊंटारी का नाम बदलकर वंशीधर नगर करने पर घटनोत्तर स्वीकृति
– सौभाग्य योजना के तहत 325 गांवों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए 55.46 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति
– मुद्रांश शुल्क इ-स्टांप से भी करने की स्वीकृति
– राजस्व पर्षद के विशेष अधिवक्ता की मासिक रिटेनरशिप सात हजार से बढ़ाकर आठ हजार और दैनिक शुल्क 1500 से बढ़ाकर दो हजार करने की स्वीकृति
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