रांची : राज्य सरकार ने 18 जिलों के 129 प्रखंडों को सुखाड़ घोषित किया है और इनके लिए 618 करोड़ की केंद्रीय सहायता की मांग की है. इधर खरीफ-2018 के मद्देनजर सुखाड़ की स्थिति का आकलन करने के लिए भारत सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय टीम छह दिसंबर को रांची पहुंची.
सात दिसंबर को सुबह 10 बजे दल के सदस्यों की बैठक मुख्य सचिव के साथ होनी है. इस दौरान कृषि, ग्रामीण विकास, पेयजल व स्वच्छता, अापदा व जल संसाधन सहित अन्य विभागों के सचिव व अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. टीम पलामू,गढ़वा व चतरा, पाकुड़ व दुमका तथा गिरिडीह,कोडरमा व हजारीबाग का भी फील्ड भ्रमण करेगी.
टीम के सदस्य संबंधित जिले के किस प्रखंड का दौरा करेंगे, यह संबंधित उपायुक्त के साथ समन्वयन बना कर तय होना है. फील्ड में केंद्रीय दल विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों तथा जन प्रतिनिधियों सहित मीडिया प्रतिनिधियों से भीबात करेंगे. फील्ड भ्रमण सात, अाठ व नौ दिसंबर को होना है. नौ को रांची लौटने के बाद दल के सदस्यों की बैठक शाम चार बजे से मुख्यमंत्री के साथ होगी. विभिन्न विभागों के अधिकारी भी इसमें शामिल रहेंगे. नौ व 10 दिसंबर को टीम के सदस्यों का दिल्ली लौटने का कार्यक्रम तय है.
लौटकर सप्ताह भर के अंदर रिपोर्ट भेजेगी टीम
दिल्ली लौटने के सप्ताह भर के अंदर टीम राज्य में सुखाड़ की स्थिति व केंद्रीय सहायता की मांग के संदर्भ में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेगी. टीम के सदस्यों में केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा, चावल विकास निदेशालय, पटना के निदेशक डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह, भारतीय खाद्य निगम के उप महाप्रबंधक सुरेश मिंज, पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय में परामर्शी श्री जर्गर, एमएनसीएफसी के डॉ एसएस रे, नीति आयोग में शोध अधिकारी डॉ बी गणेश राम, मंत्रालय के सहायक आयुक्त दयानंद सावंत, ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव माणिक चंद्र पंडित, जल संसाधन मंत्रालय के निदेशक अखिलेश कुमार झा तथा संयुक्त सचिव सूरज कुमार प्रधान शामिल हैं. अखिलेश झा रांची के ही रहने वाले हैं. इसलिए उन्हें छोड़ शेष नौ सदस्यों को राजकीय अतिथि घोषित किया गया है.
