रांची : बेकार हो गये तीन करोड़ रुपये के 5400 मोबाइल

रांची : समाज कल्याण निदेशालय ने दो वर्ष पहले करीब तीन करोड़ रुपये खर्च करके स्मार्ट मोबाइल फोन खरीदा था. औसतन साढ़े पांच हजार कीमत वाले कुल 5400 फोन में आज तक सिम ही नहीं डाला गया है. लिहाजा सभी फोन बेकार हो गये हैं. आशंका है कि कार्बन कंपनी के इन सभी मोबाइल फोन […]

रांची : समाज कल्याण निदेशालय ने दो वर्ष पहले करीब तीन करोड़ रुपये खर्च करके स्मार्ट मोबाइल फोन खरीदा था. औसतन साढ़े पांच हजार कीमत वाले कुल 5400 फोन में आज तक सिम ही नहीं डाला गया है. लिहाजा सभी फोन बेकार हो गये हैं. आशंका है कि कार्बन कंपनी के इन सभी मोबाइल फोन की बैटरी खराब हो गयी है.
दरअसल कुपोषण से ज्यादा प्रभावित सात चयनित जिलों दुमका, लातेहार, पलामू, चतरा, लोहरदगा, प. सिंहभूम व सरायकेला में मोबाइल फोन बांटे जाने थे. इन जिलों की कुल 63 समेकित बाल विकास परियोजना (आइसीडीपी) के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को स्मार्ट फोन दिये जाने थे. इस फोन का इस्तेमाल केंद्रों की मॉनिटरिंग तथा सेविका से बच्चों व महिलाओं संबंधी रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए होना था.
सेविका को अपने यहां आने वाले बच्चों, किशोरियों व महिलाओं की तस्वीरें भी तय व्यवस्था के तहत मुख्यालय तक भेजनी थीं. पर कुल 63 में से सिर्फ 30 परियोजना में ही करीब पांच हजार स्मार्ट मोबाइल फोन बांटे गये. शेष 33 प्रोजेक्ट एरिया में पांच हजार चार सौ मोबाइल फोन आज तक नहीं बंट सके हैं.
आइसीडीपी के तहत कुल 204 प्रोजेक्ट एरिया तथा 38432 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से चलने वाला पूरक पोषाहार कार्यक्रम, प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा कार्यक्रम है, जिनके लाभुकों में बच्चे, गर्भवती तथा धात्री महिलाएं शामिल हैं. इनकी निगरानी के लिए ही मोबाइल व टैबलेट जैसी तकनीक का इस्तेमाल होना है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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