रांची : झारखंड मैथिली मंच के द्वारा 21 व 22 नवंबर को विद्यापति स्मृति दिवस सह मिथिलांचल का लोकपर्व सामा-चकेवा का आयोजन किया जायेगा. हरमू स्थित विद्यापति दालान में कार्यक्रम का आयोजन होगा. मंच के महासचिव भारतेंदु झा ने बताया कि महाकवि विद्यापति के जन्म के विषय में साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उनका देहावसान कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के दिन हुआ था. इसलिए इस दिन को स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है.
21 नवंबर को श्रद्धांजलि सभा, काव्य गोष्ठी एवं विद्यापति संगीत कार्यक्रम का आयोजन होगा. वहीं, मिथिलांचल का लोक पर्व सामा-चकेवा पर प्रस्तुति 22 नवंबर को होगी. भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक का यह पर्व छठ के खरना के दिन से प्रारंभ होता है तथा तीन नवंबर को पूर्णिमा के दिन समाप्त होता है. उस दिन मिथिलांचल की महिलाएं विभिन्न मूर्तियों को सजा कर डाला-चंगेरा में अपने-अपने घरों से लेकर आती हैं. समूह में पूजन करते हुए तथा गीत गाते हुए अपने भाइयों की लंबी आयु की कामना के साथ मिट्टी से बनायी गयी मूर्तियों का खेत में विसर्जन करती हैं. पूजन के बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होता है.
उन्होंने बताया कि 22 को मंच के बहिना प्रकोष्ठ के सदस्यों द्वारा पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति होगी. आयोजन को सफल बनाने में निशा मिश्रा, बिट्टू झा, बबीता झा, मंजू झा, पूनम मिश्रा, अनिता झा, अर्चना झा, शकंतुला झा, सरोज कंठ, शिखा कंठ, पुष्पा झा और अंजु झा शामिल हैं.
