रांची : छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाके में हाल के दिनों में कई नक्सली घटनाएं हुई हैं. इसमें कई जवान शहीद हो चुके हैं. नक्सलियों के इस हमले ने अब झारखंड पुलिस की चिंता बढ़ा दी है. नक्सलियों के हमले से बचने और अभियान के दौरान जवानों की सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों ने नयी योजना तैयार की है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अमूमन नक्सली पुलिस को ट्रैप करने के लिए विभिन्न तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं. ऐसे में पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंच जाती है. इससे पुलिस के जवानों का ट्रैप होने का खतरा बना रहता है. इसलिए नक्सलियों के ट्रैप से बचने के लिए पुलिस को विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दी गयी है. इसके अलावा अभियान में जानेऔर नक्सली इलाके में गश्त के लिए सुरक्षा से संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिये गये हैं.
अभियान चलाने और हमले से बचने के लिए इन बिंदुओं पर दिये गये हैं निर्देश
अभियान की सूचना पुलिस पदाधिकारी गोपनीय रखें. यहां तक कि अभियान में शामिल बल को अभियान में जाने के ठीक थोड़ी देर पहले इसकी जानकारी दी जाये.
दिन हो या रात अभियान पर निकलने के दौरान मार्ग के दोनों ओर नजर बनाये रखें.कच्ची सड़क पर चलने के लिए सतर्कता बरतें. आवश्यकतानुसार क्रॉस चलने का प्रयास करें ताकि खतरा कम हो. पैदल चलते समय फासला एक दूसरे से सात से 10 गज की दूरी पर हो.
नक्सली सुरक्षाकर्मियों को अपनी उपस्थिति की गलत सूचना देकर फंसा सकते हैं. उपस्थिति बताने के लिए किसी की हत्या या वाहन में आग लगा सकते हैं. इसलिए ऐसी सूचना का चौकीदार से पहले सत्यापन कर लिया जाये.
अनावश्यक गोली फायर नहीं करें. आवश्यकतानुसार टारगेट दिखाई देने पर ही फायर करें.अभियान के दौरान इलाके की भौगोलिक स्थिति के बारे में पहले से जानकारी एकत्र कर लें. यह भी पता कर लें कि कहीं आइइडी विस्फोट तो नहीं लगा है.
नक्सलियों के खिलाफ सूचना मिलने पर उसका सत्यापन पहले कर लिया जाये. अभियान के दौरान दोबारा सुरक्षाकर्मियों को भेजने में सावधानी बरतें.
एंबुस में फंसने के दौरान ट्रेनिंग के दौरान सिखायी गयी तकनीक का इस्तेमाल करें.घायल होने पर प्राथमिक उपचार के लिए दी गयी जानकारी का उपयोग करें. अभियान के दौरान उपलब्ध करायी गयी जीवन रक्षक दवाइयों को साथ रखें.अभियान में आने- जाने या गश्ती के लिए पुलिस एक ही मार्ग का इस्तेमाल नहीं करे. वायरलेस पर भी इसकी सूचना दूसरे पुलिस स्टेशन को नहीं दें.
