रांची : आत्महत्या करने ट्रेन के आगे कूदा शिक्षक, दोनों पैर कटे

चाईबासा रेलवे स्टेशन के दुंबीसाई फाटक के पास हुई घटना चाईबासा/रांची : चाईबासा रेलवे स्टेशन स्थित दुंबीसाई रेलवे फाटक के पास मंगलवार सुबह करीब पौने नौ बजे एक शिक्षक मो नूर इकबाल (47) आत्महत्या करने के लिए ट्रेन के आगे कूद गया, जिससे उसके दोनों पैर कट कर अलग हो गये. चाईबासा के पुलहातु निवासी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 7, 2018 8:50 AM
चाईबासा रेलवे स्टेशन के दुंबीसाई फाटक के पास हुई घटना
चाईबासा/रांची : चाईबासा रेलवे स्टेशन स्थित दुंबीसाई रेलवे फाटक के पास मंगलवार सुबह करीब पौने नौ बजे एक शिक्षक मो नूर इकबाल (47) आत्महत्या करने के लिए ट्रेन के आगे कूद गया, जिससे उसके दोनों पैर कट कर अलग हो गये. चाईबासा के पुलहातु निवासी मो नूर इकबाल प्राथमिक विद्यालय, गाड़ीखाना में शिक्षक है. गंभीर स्थिति में उसे एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर भेजा गया है.
रिश्तेदारों ने बताया कि इकबाल ने पत्नी से कहा था कि आज दुंबीआई के पास ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर लूंगा. इसके बाद वह चुपके से घर से निकल गया. कुछ देर बाद पत्नी ने घर में उसे नहीं पाया, तो फोन लगाया लेकिन सिर्फ रिंगटोन बजता रहा. इसके बाद वह पति को खोजते हुए स्कूल पहुंच गयी.
वहां साथी शिक्षकों ने भी फोन से संपर्क करने की कोशिश की पर नाकाम रहे. कुछ देर बाद जानकारी मिली कि इकबाल दुंबीसाई के पास रेलवे पटरी पर गिरा पड़ा है. लोग घटनास्थल पहुंचे और इकबाल को सदर अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे एमजीएम, जमशेदपुर रेफर कर दिया. उसे एंबुलेंस से जमशेदपुर ले जाया गया.
दिमागी हालत ठीक नहीं
शिक्षकों ने बताया कि मो नूर इकबाल की दिमागी हालत ठीक नहीं है, जिसके कारण उसकी पत्नी ही उसे स्कूल ले जाती और लाती थी. वह नि:संतान है.
गमजदा माहौल में हुई चचेरी बहन की शादी
घटना ऐसे दिन में हुई, जब मो नूर इकबाल की चचेरी बहन की शादी थी. मेहमानों से भरे घर में लोग शादी की खुशियां मना रहे थे. दुर्घटना के बाद माहौल गमजदा हो गया. सभी रिश्तेदार नूर को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे. रात में ऐसे ही माहौल में शादी संपन्न हुई.
संघ ने शिक्षा विभाग को ठहराया दोषी
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव उपेंद्र सिंह ने कहा कि इस घटना की सारी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है. जब नूर इकबाल श्रद्धानंद बड़ी बाजार में पदस्थापित थे, उसी समय से वे अस्वस्थ चल रहे हैं. विभाग ने उनका तबादला खूंटपानी प्रखंड में कर दिया था.
अस्वस्थ होने के कारण उन्होंने विभाग को तबादला नहीं करने का आवेदन दिया था. साथ ही संघ की ओर से भी आवेदन दिया गया था. इसके बावजूद विभाग ने उसका तबादला कर दिया. इसके बाद से मो नूर इकबाल की दिमागी हालत खराब हो गयी. इसके बाद उनका फिर तबादला गाड़ीखाना प्राथमिक विद्यालय कर दिया गया.