रांची : धनबाद-चंद्रपुरा के लिए वैकल्पिक रेल मार्ग का काम तेजी से शुरू करें : रघुवर दास

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने धनबाद-चंद्रपुरा के लिए वैकल्पिक रेल मार्ग के साथ ही कोडरमा-रांची रेल लाइन का काम जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश िदया है़ इसके लिए सरकार की तरफ से जो भी सहयोग की जरूरत होगी उसे प्राथमिकता के तौर पर किया जायेगा. श्री दास ने यह बातें शनिवार को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने धनबाद-चंद्रपुरा के लिए वैकल्पिक रेल मार्ग के साथ ही कोडरमा-रांची रेल लाइन का काम जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश िदया है़ इसके लिए सरकार की तरफ से जो भी सहयोग की जरूरत होगी उसे प्राथमिकता के तौर पर किया जायेगा.
श्री दास ने यह बातें शनिवार को रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल एवं अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में कही. उन्होंने कहा कि झारखंड से रेलवे को जितना राजस्व मिलता है, उसी के अनुरूप झारखंड को रेलवे की सुविधा भी मिलना अपेक्षित है. सरकार फॉरेस्ट क्लीयरेंस समेत अन्य मुद्दों पर समीक्षा कर रही है और केंद्रीय मंत्री से भी सहयोग मिल रहा है.
रंगदारी पर अंकुश लगाने का दिया सुझाव : श्री दास ने कोयले की ढुलाई में रंगदारी के मामले पर अंकुश लगाने का सुझाव देते हुए कहा कि जहां भी कोल माइंस में संभव हो, वहां रेल लाइन बिछाकर कोयले की ढुलाई की जाये. इससे रंगदारी पर काफी अंकुश लगेगा. जहां सुविधा नहीं है, वहां कन्वेयर के माध्यम से कोयले को रेलवे साइट तक लाया जाये. इस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति जताते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
पिछली सरकार की तुलना में छह गुना बढ़ा निवेश: श्री गोयल ने बताया कि पिछली सरकारों की तुलना में झारखंड में रेलवे के क्षेत्र में छह गुना निवेश बढ़ा है.
2014 तक जहां झारखंड में सालाना केवल 450 करोड़ का काम होता था, वह बढ़ कर 2100 करोड़ पहुंच गया है. इसका असर दिखने लगा है. रेल लाइन बनाने में काम में तेजी आ गयी है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा चालू किये गये ज्यादातर प्रोजेक्ट जल्द ही पूरे हो जायेंगे. झारखंड की जनता को काफी लाभ होगा. श्री गोयल ने झरिया के विस्थापितों के लिए तेजी से घर बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया.
खेल यूनिवर्सिटी में हो रहे कार्यों की सराहना की : श्री गोयल ने रांची में खेल यूनिवर्सिटी में हो रहे कार्यों के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी. कहा कि झारखंड के बच्चों में काफी क्षमता है. इन्हें थोड़ा सा प्रोत्साहन मिलेगा तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड ही नहीं पूरे देश का नाम रोशन करेंगे.
इसके साथ ही खेल यूनिवर्सिटी में बच्चों की क्षमता बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई. बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील बर्णवाल, खान सचिव विनय चौबे, पीसीसीएफ संजय कुमार समेत रेलवे और कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी व राज्य सरकार के अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
बेहतर टेक्नोलॉजी के जरिये जलते कोयले को बचायें : इससे पहले पीयूष गोयल लोदना क्षेत्र के एनटीएसटी व्यू प्वाइंट पहुंचे. उन्होंने आउटसोर्सिंग परियोजना के कोयला में लगी आग को देखा. दोनों परियोजना के बीच आम रास्ता होने पर कहा कि उस खाली स्थान को दोनों पैच में मिला दिया जाये. उसके बाद मंत्री आउटसोर्सिंग फेस पहुंचे.
चार नंबर बटन सीम में आग थी जहां कोयला उत्पादन कर रहे मजदूरों को देखकर चौंक उठे. पीसी मशीन द्वारा जलते कोयले को वोल्वो पर लोड कर ओबी डंप में गिराने पर उड़ रहे धूल पर नाराजगी जतायी. श्री गोयल ने कहा कि बेहतर तकनीक से जलते कोयले को बचाने का काम करें. कोयले की कमी के कारण पावर प्लांटों को दिक्कत हो रही है. अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल कोई नयी टेक्नोलॉजी नहीं है.
रेल मंत्री से मिले संदीप नागपाल: रांची नागरिक समिति के सचिव सह रेलवे के डीआरयूसीसी सदस्य संदीप नागपाल ने शनिवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की. साथ ही रांची-देहरादून वाया लखनऊ, हरिद्वार ट्रेन शुरू करने, रांची राजधानी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने के साथ कई ट्रेनों का फेरा बढ़ाने की मांग की. रेल मंत्री ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया.
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