रांची : आयुष्मान भारत योजना में दलालों पर अंकुश लगायें

रांची : स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने रिम्स, एमजीएम व पीएमसीएच के अधीक्षक तथा सभी सिविल सर्जनों को पत्र लिखकर आयुष्मान भारत योजना में दलालों पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया है. लिखा है कि योजना के तहत 57 लाख परिवारों को सरकारी और गैर सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार का […]

रांची : स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने रिम्स, एमजीएम व पीएमसीएच के अधीक्षक तथा सभी सिविल सर्जनों को पत्र लिखकर आयुष्मान भारत योजना में दलालों पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया है. लिखा है कि योजना के तहत 57 लाख परिवारों को सरकारी और गैर सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार का प्रावधान है.
किंतु कुछ संस्थानों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि दलाल मरीजों को बहला-फुसलाकर राशि ऐंठ रहे हैं तथा इलाज कराने के लिए मजबूर किया जा रहा है. ऐसे में सभी सिविल सर्जन सुनिश्चित करेंगे कि अस्पताल में किसी प्रकार के दलाल सक्रिय नहीं रहें और यदि उन्हें आवश्यक लगे तो ऐसे मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे. यह भी कहा कि अगर इस प्रकार की कोई घटना होती है तो 24 घंटे के अंदर जांच करा कर मुख्यालय को सूचित करेंगे.
सबसे अधिक लाभुक रांची जिले से : योजना के तहत सबसे अधिक लाभुक रांची जिले से हैं. इसकी समीक्षा मंगलवार को की गयी. बताया गया कि योजना को संचालित करने के लिए गठित झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी द्वारा 433 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है.
इसमें 227 सरकारी अस्पताल हैं. योजना के संचालन में अब तक दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल सबसे आगे रहा है. रांची जिले में 78 लाभुकों ने इसका लाभ लिया. जिनके इलाज पर छह लाख 72 हजार 200 रुपये खर्च हुए हैं. पूरे राज्य में अब तक 303 मरीजों का इलाज किया गया है. जिनके इलाज पर 33 लाख 76 हजार 750 रुपये खर्च होने का दावा किया गया है. विभाग द्वारा 27 लाख 29 हजार 150 रुपये स्वीकृत किये गये हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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