रांची : रामगढ़ के बहुचर्चित मॉब लिंचिंग में मारे गये अलीमुद्दीन अंसारी की पत्नी मरयिम खातून को रामगढ़ व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा पांच लाख रुपये का चेक मुआवजे के रूप में दिये जाने पर ऑल मुसलिम यूथ एसोसिएशन (आमया) ने आभार जताया है.
संगठन की सचिव नाजिया तब्बसुम ने बताया कि आमया ने तीन तलाक व मॉब लिंचिंग मामले को लेकर 25 सितंबर को संवाददाता सम्मेलन किया था, जिसमें स्व अलीमुद्दीन अंसारी की पत्नी भी शामिल थी. उस समय उन्होंने बताया था कि जून 2017 में उनके पति की भीड़ द्वारा हत्या के बाद उनकी स्थिति दयनीय हो गयी है. सरकार ने मुआवजा देने की घोषणा की थी, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं मिला़ नाजिया ने कहा है कि राज्य सरकार मॉब लिंचिंग की अन्य घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए फार्स्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराये़
