रांची : राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर रविवार को करुणा एनएमओ व रानी हॉस्पिटल रांची पहुंची. उन्होंने करुणा एनएमओ में बुदू कंडिर द्वारा दिये आवेदन के आलोक में जांच की. जिसमें बूदू ने आरोप लगाया था कि उसे सीडबल्यूसी खंूटी ने जब उसके दो जुड़वां बच्चों सरिता कंडिर और सागर कंडिर का सौंपा था तो उस वक्त सागर के स्थान पर मंगरा नाग को सौंप दिया गया था. इससे पूर्व भी जब रांची सीडब्ल्यूसी ने बच्चा सौंपा था तो उस वक्त भी मंगरा को सागर कह कर दिया था. जिसे करुणा को वापस कर दिया गया था. पुनः उसी बच्चे को खूंटी सीडब्ल्यूसी ने दिया. जिसकी तबीयत खराब होने पर बेहतर इलाज के लिए आयोग को आवेदन दिया गया था. आयोग ने रांची व खूंटी सीडब्ल्यूसी को जानकारी दी. इसके बाद मंगरा और सरिता को बेहतर इलाज के लिए रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
साथ ही सागर और मंगरा के मामले की जांच की. जांच में दस्तावेज तैयार कराये जाने के क्रम में हुई गलती को सुधारने के लिये रांची व खूंटी डीसी को पत्र लिखा. साथ ही रानी अस्पताल में बच्चों के हो रहे इलाज के बारे में चिकित्सक से जानकारी ली एवं एवं बच्चों की स्थिति का भी जायजा लिया. चिकित्सक ने बताया कि सोमया समद फिलहाल ठीक है. श्रीमती कुजूर ने रानी अस्पताल में खूंटी के 11 बच्चों और रांची की एक बच्ची को इलाजरत पाया. साथ ही कहा कि रांची के हिनू शिशु सदन से लिए गये बच्चों के संबंध में बाल संरक्षण आयोग जल्द ही रांची और खूंटी जिला प्रशासन के साथ बैठक करेंगी.
