रांची : रिम्स के ये नौ छात्र देश के बड़े मेडिकल कॉलेजों से लेंगे विशेषज्ञता की डिग्री
राजीव पांडेय पहली बार इतनी संख्या में विद्यार्थियों का डाॅक्टरेट ऑफ मेडिसिन में चयन रांची : रिम्स के नौ विद्यार्थी देश के बड़े अस्पतालों से विशेषज्ञता हासिल करने जा रहे हैं. इनका चयन एम्स और किंगजार्ज जैसे बड़े मेडिकल कॉलेजों में हुआ है, जहां से ये दो वर्ष का अध्ययन करने के बाद डॉक्टरेट ऑफ […]
राजीव पांडेय
पहली बार इतनी संख्या में विद्यार्थियों का डाॅक्टरेट ऑफ मेडिसिन में चयन
रांची : रिम्स के नौ विद्यार्थी देश के बड़े अस्पतालों से विशेषज्ञता हासिल करने जा रहे हैं. इनका चयन एम्स और किंगजार्ज जैसे बड़े मेडिकल कॉलेजों में हुआ है, जहां से ये दो वर्ष का अध्ययन करने के बाद डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) की डिग्री हासिल करेंगे. उम्मीद है कि विशेषज्ञ डॉक्टर बनने के बाद ये विद्यार्थी झारखंड में ही अपनी सेवा देंगे, जिसके बाद राज्य के लोगाें को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
रिम्स प्रबंधन द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी के अनुसार एमबीबीएस करने के बाद इन विद्यार्थियों ने रिम्स के मेडिसिन विभाग से पाेस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद ये डीएनबी की पढ़ाई कर रहे थे.
साथ ही डीएम की भी तैयारी कर रहे थे. अब ये देश के बेहतरीन मेडिकल कॉलेजों से कार्डियाेलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्राेएंट्रोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल करेंगे. इन नौ विद्यार्थियों में डॉ गाैरव कुमार सिंह भी शामिल हैं, जिनका चयन लाेेकमान्य तिलक मुनिसप्ल मेडिकल कॉलेज (एलटीएमसी) मुंबई में गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी में डीएम के लिए हुआ है.
इनका हुआ चयन
– डॉ गोविंद माधव : न्यूरो (एम्स ऋषिकेश) – डाॅ विजेथ : न्यूरो (जयपुर) – डॉ वैभव : न्यूरो (जयपुर) – डॉ गौरव कुमार सिंह : गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (एलटीएमसी मुंबई) – डॉ राजेंद्र सथपति : कार्डियोलॉजी (कटक) – डॉ सिद्धनाथ सिंह : कार्डियोलॉजी (कोलकाता) – डॉ अमित सिन्हा : कार्डियोलॉजी (जयपुर) – डाॅ अभिषेक : कार्डियोलॉजी (कोजिकोडे) – डॉ विपिन सिंह : कार्डियोलाॅजी (ओड़िशा).
रांची : रिम्स में स्त्री रोग के लिए एचडीयू व आइसीयू जल्द
रांची : स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के तीनों मेडिकल कॉलेजों को स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग के लिए एचडीयू और आइसीयू खोलने का निर्देश दिया है. विभाग के अभियान निदेशक कृपानंद झा ने मेडिकल कॉलेजों के निदेशक व प्राचार्यों को यह कहा है कि मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए एचडीयू व आइसीयू का होना आवश्यक है. इससे शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर में कमी आयेगी.
विभाग के निर्देश पर रिम्स प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी है. स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में एचडीयू और आइसीयू के लिए जगह चिह्नित की जा रही है. जगह चिह्नित करने के बाद प्रबंधन विभाग को जानकारी उपलब्ध करा देगा.
वहीं, राज्य में शिशु व मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए रिम्स का स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग जिला अस्पताल के चिकित्सकों को प्रशिक्षित करेगा. विभाग के निर्देश पर रिम्स के 10 महिला चिकित्सकों की टीम का गठित किया गया है. टीम 24 व 25 जो गढ़वा और पलामू के जिला अस्पतालों का भ्रमण करेगी. वहां के चिकित्सकों को प्रशिक्षित करेगी. टीम का नेतृत्व रिम्स स्त्री रोग एवं प्रसूति की विभागाध्यक्ष डॉ अनुराग विद्यार्थी कर रही हैं.
रिम्स व मेडिसिन विभाग के लिए यह गाैरव की बात है. हमारे विद्यार्थी देश के बड़े अस्पताल में विशेषज्ञता लेकर रिम्स का नाम रोशन कर रहे हैं. अपने विद्यार्थियों को अच्छे मुकाम पर पहुंचना गुरु के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है.
डॉ डीके झा, मेडिसिन विभाग
मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की टीम को पलामू व गढ़वा भेजा जा रहा है. टीम वहां के महिला चिकित्सकों को प्रशिक्षित करेगी. रिम्स में एचडीयू व आइसीयू के लिये जगह चिह्नित की जा रही है.
डाॅ आरके श्रीवास्तव, निदेशक, रिम्स
