18 साल के बाद बनेगा 12 जिलों में जिला उद्योग केंद्र

रांची : झारखंड अलग राज्य बनने के 18 साल बाद राज्य के 12 जिलों में जिला उद्योग केंद्र (डीआइसी) बनने जा रहा है. उद्योग विभाग द्वारा इससे संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट के लिए तैयार किया गया है. बताया गया कि संयुक्त बिहार में गठित रांची, धनबाद, चाईबासा, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज, देवघर, हजारीबाग, गुमला, पलामू, लोहरदगा और […]

रांची : झारखंड अलग राज्य बनने के 18 साल बाद राज्य के 12 जिलों में जिला उद्योग केंद्र (डीआइसी) बनने जा रहा है. उद्योग विभाग द्वारा इससे संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट के लिए तैयार किया गया है.

बताया गया कि संयुक्त बिहार में गठित रांची, धनबाद, चाईबासा, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज, देवघर, हजारीबाग, गुमला, पलामू, लोहरदगा और गिरिडीह से ही अबतक जिला उद्योग केंद्रों का संचालन हो रहा था. इन्हें क्षेत्रीय कार्यालय बनाकर अन्य जिलों को टैग कर दिया गया था. विभाग द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय को विघटित कर जिला उद्योग केंद्र बनाया जा रहा है.
क्या होगा फायदा : पूर्व में जमशेदपुर व सरायकेला-खरसावां के किसी उद्यमी को यदि लाइसेंस बनवाना होता था, तो उन्हें चाईबासा जाना पड़ता था. इसी तरह चतरा, कोडरमा व रामगढ़ के उद्यमी को हजारीबाग जाना पड़ता था. बोकारो के उद्यमी को धनबाद जाना पड़ता था. अब जिलों में ही उद्योग केंद्र बन जाने पर उद्यमियों को आसानी होगी.
खासकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमइजीपी) के आवेदकों को अब अपने जिलों में ही आवेदन करना होगा. इज अॉफ डूइंग बिजनेस के तहत भी सभी जिलों के जिला उद्योग केंद्र में ही सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित करना है. अब बचे हुए जिलों में भी सिंगल विंडो सिस्टम बन जायेगा, ताकि उद्यमी एक ही जगह पर आवेदन देकर अपना काम करा सकें.

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