रांची व जमशेदपुर में करीब 52 अरब रुपये का विशाल निवेश होगा

इससे करीब 24 हजार नये रोजगार का सृजन अकेले इन दोनों शहरों में होगा रांची : रांची और जमशेदपुर में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं. दोनों शहरों में एक गीगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो सकता है. यह बात सेंटर फॉर एन्वॉयरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की रिपोर्ट में है. सीड द्वारा तैयार रिसर्च […]

इससे करीब 24 हजार नये रोजगार का सृजन अकेले इन दोनों शहरों में होगा

रांची : रांची और जमशेदपुर में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं. दोनों शहरों में एक गीगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो सकता है. यह बात सेंटर फॉर एन्वॉयरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की रिपोर्ट में है. सीड द्वारा तैयार रिसर्च रिपोर्ट का विमोचन होटल बीएनआर में अायोजित एक कार्यक्रम में किया गया. यह रिपोर्ट झारखंड के दो प्रमुख शहरों रांची व जमशेदपुर में सोलर रूफटॉप प्रणाली की संभावना की पड़ताल करती है. रिपोर्ट के अनुसार इन दो शहरों में ही करीब एक गीगावाट (एक हजार मेगावाट) सोलर बिजली उत्पादन की संभावना है. इसके साथ ही बड़ी संख्या में नये रोजगार सृजन और विशाल निवेश के अवसर भी पैदा होंगे. रिपोर्ट के अनुसार सौर ऊर्जा के प्रयोग से ही झारखंड बिजली के मामले में सरप्लस स्टेट बन सकता है.
सोलर रोडमैप बनाने में मदद मिलेगी :
रिपोर्ट पेश करते हुए सीड के सीइओ रमापति कुमार ने बताया कि इस रिपोर्ट के निष्कर्ष यह बात का संकेत करते हैं कि रांची व जमशेदपुर में करीब 52 अरब रुपये का विशाल निवेश होगा. इससे करीब 24 हजार नये रोजगार का सृजन अकेले इन दोनों शहरों में होगा. ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि इस रिपोर्ट से झारखंड के लिए एक सोलर रोडमैप बनाने में सरकार को मदद मिलेगी. राज्य सरकार सोलर रूफटॉप नीति लेकर आ रही है. यह न केवल राज्य के लिए सौर ऊर्जा लक्ष्य को पूरा करने में ऊर्जा विभाग को सक्षम बनायेगा बल्कि झारखंड के लोगों को 24 घंटे सातों दिन गुणवत्ता पूर्वक बिजली प्रदान करने की हमारी महत्वाकांक्षा को भी पूरा करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में अभी 1500 सरकारी भवनों में रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाये जा रहे हैं, जिसे दिसंबर तक पूरा कर लिया जायेगा.
रूफटॉप लगाने वालों को होगा फायदा
जेरेडा के निदेशक निरंजन कुमार ने कहा कि जेरेडा राज्य में सोलर एनर्जी के प्रोत्साहन के लिए कई तरह की योजनाओं व कार्यक्रमों को सपोर्ट कर रहा है. जेरेडा राज्य के किसी भी भाग में सोलर रूफटॉप प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए मदद करने को तत्पर है. एेप से भी उपभोक्ता आवेदन देकर घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगा सकते हैं. साथ ही यदि उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचता है तो उन्हें लाभ होगा. नियामक आयोग में दर का निर्धारण हो रहा है.
अभी 50 पैसे प्रति यूनिट मिलते हैं. उम्मीद है कि यह बढ़ कर तीन रुपये से अधिक होगा. तब उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिलेगा. कार्यशाला को नियामक आयोग के रवींद्र नारायण सिंह, सीयूजे के डॉ. एसके समदर्शी, फिक्की के भारत जायसवाल, अभिषेक प्रताप, दिशा अग्रवाल, प्रभात कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया.

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