रांची : असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का है इंतजार : द्रौपदी मुर्मू

रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति अभी जिस रिक्ति व नियमावली के आधार पर हो रही है, उसे होने दिया जायेगा. अभी इसे नहीं रोका जायेगा. 13 अगस्त को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की संभावना है, तब तक इंतजार किया जायेगा. राज्यपाल […]

रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति अभी जिस रिक्ति व नियमावली के आधार पर हो रही है, उसे होने दिया जायेगा. अभी इसे नहीं रोका जायेगा. 13 अगस्त को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की संभावना है, तब तक इंतजार किया जायेगा. राज्यपाल ने यह बातें मंगलवार को उनसे मिलने राजभवन पहुंचे छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से कही.
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से कहा कि इस नियुक्ति में बैकलॉग पदों में वैसे पदों की भी गणना कर दी गयी है, जिसमें पिछली नियुक्ति प्रक्रिया में बहाली ही नहीं हुई है. इनमें जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा विषय भी शामिल हैं. कक्षा में शिक्षक-छात्र अनुपात यूजीसी के मापदंडों के अनुकूल नहीं होता. इसके लिए शिक्षकों के अतिरिक्त पद सृजित करने की जरूरत है.
छात्रों ने राज्यपाल से आग्रह किया कि अन्य राज्यों की भांति झारखंड में भी यहां के छात्रों को प्राथमिकता दी जाये. इसके अलावा छात्रों ने 19 सितंबर 2017 को झारखंड में व्याख्याता नियुक्ति के लिए जेपीएससी द्वारा दो गजट को एक साथ प्रकाशित करने व दोनों में अंतर की जानकारी दी. छात्रों ने बताया कि व्याख्याता नियुक्ति में सीट के तीन गुणा छात्रों को ही साक्षात्कार में बुलाना गलत है.
एक सीट के लिए 15 को बुलाया जाये. राज्यपाल ने छात्रों को आश्वस्त किया कि सीटों के सृजन का मामला बाद में ठीक कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि जो-जो विषय उनके संज्ञान में आया है, उस पर विचार किया जायेगा. प्रतिनिधिमंडल में दीपक भगत, त्रिभुवन, शशि कपूर, डॉ आभा एक्का, जितेंद्र कुमार आदि शामिल थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >