रिम्स के अस्पताल परिसर व हॉस्टल में बिजली की लचर व्यवस्था का मामला

रांची : रिम्स अस्पताल व हॉस्टल में बिजली की लचर व्यवस्था के लिए पीडब्लूडी और बिजली विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं. किसी प्रकार की समस्या होने पर दोनों विभाग एक-दूसरे का कार्य क्षेत्र बताकर निकल जाते हैं.समस्या होने पर बिजली विभाग के अधिकारी कहते हैं कि अंदर के वायरिंग की जिम्मेदारी पीडब्लूडी […]

रांची : रिम्स अस्पताल व हॉस्टल में बिजली की लचर व्यवस्था के लिए पीडब्लूडी और बिजली विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं. किसी प्रकार की समस्या होने पर दोनों विभाग एक-दूसरे का कार्य क्षेत्र बताकर निकल जाते हैं.समस्या होने पर बिजली विभाग के अधिकारी कहते हैं कि अंदर के वायरिंग की जिम्मेदारी पीडब्लूडी विभाग की है. वहीं, पीडब्लूडी के अधिकारी कहते हैं कि भवन के बाहर में बिजली की जिम्मेदारी हमारी नहीं है. इसको देखने का जिम्मा बिजली विभाग का है.

ऐसे में दोनों विभाग के खींचतान में समस्या बढ़ जाती है और समस्या का निदान नहीं हो पाता है. रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली विभाग का कहना है कि अंदर में पीडब्लूडी ने एल्यूमीनियम का तार युक्त कार्य किया है. वहीं, पीडब्लूडी कहता है कि बाहर में कॉपर के तार का प्रयोग किया गया है. इससे जंक्शन पर शॉर्ट सर्किट होता है. हालांकि, दाेनाें विभागों की दलील के बाद रिम्स निदेशक ने कहा है कि हमें बिजली की व्यवस्था करनी है. यह आप मिल कर तय करें कि कैसे वायरिंग व अन्य समस्या को दुरुस्त किया जा सकता है.

निदेशक ने दोनों विभागों से कहा: पहले तय करें किसे करना है बिजली का काम
हमें हर हाल में अस्पताल की बिजली
की व्यवस्था को दुरुस्त करना है
लिफ्ट में लगेगा एडीआर सिस्टम
रिम्स में संचालित सभी लिफ्ट में एडीआर सिस्टम लगाया जायेगा. एडीआर के लगाने से बिजली बाधित होने पर लिफ्ट नजदीक के फ्लोर पर पहुंच जायेगा. इससे मरीज व परिजन के लिफ्ट में फंसने की समस्या नहीं होगी.

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