केवल हाजिरी बनानेवाले कर्मचारियों पर सालाना ढाई करोड़ खर्च कर रही झारखंड सरकार

रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के पास नहीं है कोई काम रांची : रांची शहरी क्षेत्र से सटे इलाकों के विकास के उद्देश्य से राज्य सरकार ने रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार(आरआरडीए) का गठन किया था. लेकिन, शहर की कुछ दुकानों से किराया वसूलने और शहर के बाहर बनने वाले भवनों के नक्शों को स्वीकृति देने के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के पास नहीं है कोई काम
रांची : रांची शहरी क्षेत्र से सटे इलाकों के विकास के उद्देश्य से राज्य सरकार ने रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार(आरआरडीए) का गठन किया था. लेकिन, शहर की कुछ दुकानों से किराया वसूलने और शहर के बाहर बनने वाले भवनों के नक्शों को स्वीकृति देने के अलावा प्राधिकार के पास फिलहाल कोई काम नहीं है.
आरआरडीए में करीब 140 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 100 से ज्यादा पद खाली हैं. फिलहाल, जो 40 कर्मचारी प्राधिकार में काम कर रहे हैं, उनके वेतन मद में भी आरआरडीए को हर माह करीब 19 लाख रुपये खर्च करने पड़ रह हैं. यानी इन कर्मचारियों के वेतन मद में सरकार को सालाना ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं. इसके बावजूद हालत यह है कि यहां के ज्यादातर कर्मचारी सुबह 10 बजे हाजिरी बनाते हैं और शाम पांच बजे झोला उठाकर घर निकल लेते हैं.
धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ देती हैं योजनाएं : चूंकि कोई आरआरडीए के पास काम नहीं था, इसलिए पिछले वर्ष बोर्ड ने यह निर्णय लिया था कि प्राधिकार एचइसी की जमीन लेकर वहां प्रधानमंत्री आवास के लाभुकों के लिए फ्लैट बनायेगा.
साथ ही सीठियो में विश्वस्तरीय पार्क के निर्माण की योजना भी बनी थी. लेकिन, राज्य सरकार और एचइसी के जमीन देने के इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों योजनाएं ठंडे बस्ते में चली गयीं. इन सबके अलावा प्राधिकार ने शहर के बीचोबीच एक इनर रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया था, लेकिन अब तक इस पर भी कोई प्रगति नहीं हुई है.
नक्शा जांच के नाम पर खूब हुई वसूली : प्राधिकार के अभियंताओं ने हाल के दिनों में अवैध निर्माण को लेकर शहर के आसपास में बन रही बहुमंजिला इमारतों की जांच की. उन्हें नोटिस थमाया, लेकिन बाद में लेन-देन करके सभी मामले को सेटल कर दिया गया. आरआरडीए की इस करतूत की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची, तो वसूली कुछ कम हुई. लेकिन, सूत्र बताते हैं कि अब भी यहां के अभियंता नक्शा पास कराने वाले आवेदकों और अवैध रूप से भवन बनवा रहे लोगों से वसूली कर ही रहे हैं
नये उपाध्यक्ष ने कहा सीमित संसाधनों में बेहतर काम करेगा आरआरडीए
रांची : रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार(आरआरडीए)के उपाध्यक्ष राजकुमार ने गुरुवार को प्रभार ग्रहण कर लिया. निवर्तमान उपाध्यक्ष अरविंद कुमार ने उन्हें प्रभार सौंपा. प्रभार लेने के बाद उन्होंने प्राधिकार के चेयरमैन परमा सिंह से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने कर्मचारियों के साथ बैठक कर कई आवश्यक दिशा निर्देश दिये. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आरआरडीए के पास सीमित संसाधन हैं.
इसके बावजूद आने वाले समय में आरआरडीए बेहतर काम करेगा. ताकि लोगों को सुविधा हो और प्राधिकार अपने पैरों पर खड़ा हो सके. प्राधिकार के चेयरमैन परमा सिंह कहा कि आरआरडीए पर काफी दाग लग चुका है. सिर्फ नक्शा पास करने तक प्राधिकार का काम काज सीमित नहीं होना चाहिए. विकास कार्यों को लेकर आगे बढ़ना होगा.
…और इधर आवास बोर्ड का वित्तीय अधिकार बढ़ेगा
रांची : झारखंड राज्य आवास बोर्ड का वित्तीय अधिकार बढ़ेगा. इस दिशा में कार्रवाई की जा रही है. बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार करके आवास विभाग को भेज दिया है. इसके तहत अभी तक बोर्ड को दो करोड़ रुपये तक खर्च करने की शक्ति दी गयी थी, लेकिन अब इसे बढ़ा कर पांच करोड़ रुपये किया जायेगा. दो करोड़ रुपये की शक्ति होने की वजह से बोर्ड कई काम नहीं कर पा रहा था. ऐसे में वित्तीय शक्ति बढ़ाने की जरूरत महसूस की गयी और उसे पांच करोड़ रुपये करने की अनुशंसा की गयी है. सरकार की सहमति मिलने के बाद वित्तीय शक्ति बढ़ जायेगी.
प्राधिकार के अध्यक्ष के रूप में मैंने हाल ही में दो साल का कार्यकाल पूरा किया है. इस दौरान शहर के विकास के लिए मैं सतत रूप से प्रयत्नशील रहा. विभाग को कई प्रस्ताव बनाकर भी दिये, लेकिन विभाग ने हमारे प्रस्तावों पर रुचि नहीं दिखाई. फिर भी हम भरोसा दिलाते हैं कि अगर सरकार की ओर से हमें कोई जिम्मेदारी मिलती है, तो बेशक हम उसे बेहतर तरीके से पूरा करेंगे.
परमा सिंह, अध्यक्ष, आरआरडीए
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