रांची : गैर मजरूआ जमीन की रसीद निर्गत करने के फैसले के बाद अब अंचलों में पदाधिकारी-कर्मचारी मनमानी नहीं कर सकेंगे. इससे रसीद निर्गत करने में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और आम लोग राजस्व कर्मचारी व अधिकारी के भयादोहन का शिकार नहीं होंगे.
रसीद जारी करने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली नहीं की जा सकेगी. इससे किसानों को भी बड़ी राहत मिलने जा रही है. वहीं शहर की बेशकीमती जमीन की भी रसीद काटने से आनाकानी करनेवाले कर्मियों से भी लोगों को निजात मिलेगी. अब कर्मचारी-पदाधिकारी बिना न्यायालय के आदेश के किसी भी स्थिति में रसीद निर्गत करने से मना नहीं कर सकेंगे.
मोटी रकम वसूली जाती थी : अक्सर राज्य के अलग-अलग अंचलों से ये मामले सामने आ रहे थे कि रसीद निर्गत करने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूली की जाती है. किसी न किसी मामले को लेकर रसीद निर्गत करने से मना कर दिया जाता था. काफी परेशान करने के बाद लोगों से पैसे लिये जाते थे, तब रसीद निर्गत होता था.
