दलबदल मामला : झाविमो के अधिवक्ता ने नवीन जायसवाल से पूछा सवाल नवीन ने कहा, राज्यहित में हुआ था झाविमो का विलय

रांची : दलबदल मामले में झाविमो छोड़ कर भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों की गवाही शुरू हो गयी है़ भाजपा में शामिल होने वाले छह दलबदल के आरोपी विधायकों में से एक नवीन जायसवाल शुक्रवार को स्पीकर दिनेश उरांव के न्यायाधिकरण में हाजिर हुए़ श्री जायसवाल से करीब एक घंटे तक वादी पक्ष (झाविमो) […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : दलबदल मामले में झाविमो छोड़ कर भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों की गवाही शुरू हो गयी है़ भाजपा में शामिल होने वाले छह दलबदल के आरोपी विधायकों में से एक नवीन जायसवाल शुक्रवार को स्पीकर दिनेश उरांव के न्यायाधिकरण में हाजिर हुए़ श्री जायसवाल से करीब एक घंटे तक वादी पक्ष (झाविमो) के अधिवक्ता आरएन सहाय ने पूछताछ की़
इधर स्पीकर श्री उरांव ने निर्देश दिया कि शेष पांच विधायक अमर बाउरी, रणधीर सिंह, आलोक चौरसिया, गणेश गंझू और जानकी यादव को 10 मई तक शपथ पत्र दायर करे़ं इसके साथ ही स्पीकर ने 11 मई को सुनवाई की अगली तिथि तय की़ इस दिन आरोपी विधायक अमर बाउरी और गणेश गंझू को हाजिर होने का निर्देश दिया़
कई सवालों में फंसे विधायक जायसवाल : इधर, विधायक श्री जायसवाल से पूछताछ के क्रम में कई सवाल किये गये़ कई सवालों में विधायक फंसे,तो कुछ सवालों से किनारा कर लिया. दूसरे सभी गवाहों की तरह नवीन जायसवाल का भी कहना था कि आठ फरवरी 2015 को केंद्रीय समिति की बैठक दलादली में हुई थी, इसमें विलय का निर्णय लिया गया़
जबकि वादी पक्ष के अधिवक्ता का कहना था कि कोई बैठक नहीं हुई, वह जाली था़ वह बैठक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों की थी, जिसमें छह विधायक भी शामिल थे़ नवीन जायसवाल ने कहा कि यह गलत आरोप है़ पार्टी में पहले ही भगदड़ मची थी.
कई लोग पार्टी छोड़ कर जा चुके थे़ उस बैठक में बाबूलाल को भी आना था, लेकिन वह नहीं आये़ नवीन ने यह भी कहा कि दिल्ली में बाबूलाल मरांडी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिल चुके थे़ राज्यहित में भाजपा में विलय की बात हुई थी़ इसमें सभी सहमत थे़
जो सत्य था, मैंने बता दिया
सुनवाई के क्रम में अधिवक्ता श्री सहाय ने नवीन जायसवाल से पूछा कि आप मंत्री बनने के लिए भाजपा में गये, लेकिन बन नहीं पाये़ इस पर श्री जायसवाल ने कहा कि वे बीजेपी में गये नहीं, बल्कि जेवीएम का भाजपा में विलय हुआ है़ विलय का निर्णय केंद्रीय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से हुआ था़ स्थायी सरकार बनाने के लिए यह फैसला लिया गया था़ काफी देर तक चली बहस के अंत में विधायक ने कहा कि जो सत्य था, मैंने बता दिया़ विधायक हूं, नियमानुसार ही काम किया है़
दलबदल का मामला
विधायकों की गवाही शुरू, 10 तक जमा करना है शपथ पत्र
नवीन जायसवाल से एक घंटे हुआ सवाल-जवाब
11 मई को अमर बाउरी और गणेश गंझू होंगे हाजिर
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