झारखंड : विदेशी फंडिंग व धर्मांतरण पर रोक लगी, तो राष्ट्रविरोधी शक्तियां करने लगीं पत्थलगड़ी

आरएसएस. सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल ने मिशनरियों पर साधा निशाना, कहा संविधान विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं हो समाज रांची : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने फर्जी एनजीओ के विदेशी फंडिंग पर लगाम लगायी है. यहीं नहीं, धर्मांतरण पर भी राज्य सरकार की […]

आरएसएस. सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल ने मिशनरियों पर साधा निशाना, कहा
संविधान विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं हो समाज
रांची : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने फर्जी एनजीओ के विदेशी फंडिंग पर लगाम लगायी है.
यहीं नहीं, धर्मांतरण पर भी राज्य सरकार की ओर से रोक लगायी गयी है. यही वजह है कि राष्ट्र विरोधी शक्तियां पत्थलगड़ी का सहारा ले रही हैं. श्री लाल मंगलवार को निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने हाल ही में नागपुर में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधिसभा में लिये गये निर्णय के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
श्री लाल ने कहा कि मीडिया की खबरों के अनुसार इसमें चर्च की भी संलिप्तता सामने आ रही है. पत्थलगड़ी के पीछे का मुख्य कारण है अफीम की खेती का संरक्षण. प्रशासन यहां तक नहीं पहुंचे, इसको लेकर संविधान की गलत व्याख्या कर पत्थलगड़ी किया जा रहा है. अब इसका विरोधी भी शुरू हो गया है.
जहां तक अफीम की खेती का सवाल है, तो इस पर सरकार को कार्रवाई करनी है. संघ समाज से निवेदन करता है कि संविधान विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं हो.
देश के 95 प्रतिशत जिलों में चल रहे 1.81 लाख सेवा कार्य
राकेश लाल ने कहा कि देश के 95 प्रतिशत जिलों में संघ के 1.81 लाख सेवा कार्य चल रहे हैं. देश में 58,967 शाखाएं, 16405 मिलन और 7976 मंडली लग रही हैं.
झारखंड में प्रतिदिन 676 शाखाएं लगती हैं. इसी प्रकार 234 मिलन व 64 मंडली भी लगती है. झारखंड के 259 सेवा बस्ती में से 167 में संघ का कार्य चल रहा है. इस प्रकार झारखंड में कुल 11,154 सेवा का कार्य चल रहे हैं. देश में 95,318 नये स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है.
झारखंड में नये प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की संख्या 2713 है. संघ की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है. ज्वाइन आरएसएस में झारखंड से 2013 में 612, 2014 में 2006, 2015 में 1988, 2016 में 1849 व 2017 में 2915 लोगों ने अपना निवेदन भेजा है.
अस्पताल चला रहे तो चंगाई सभा की क्या जरूरत है
इसाई मिशनरियों की ओर से ग्रामीण इलाकों में सेवा कार्य के रूप में चलाये जा रहे अस्पताल के सवाल पर राकेश लाल ने कहा कि अगर सही नीयत से कई सेवा कार्य करता है, तो संघ उसके साथ खड़ा है.
दिखावे व विकल्प के रूप में कार्य करना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल से बीमारी ठीक हो जाती है, तो चंगाई सभा की क्या जरूरत है. आरएसएस आरोग्य भारती के तहत जनजातीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए कार्य कर रही है, ताकि लोग बीमार नहीं पड़े. स्वच्छता का ध्यान रखें.
भारतीय भाषाओं का संरक्षण और संवर्द्धन जरूरी
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पारित प्रस्ताव के बारे में बोलते हुए श्री लाल ने कहा कि भारत में विविध भाषाएं व बोलियां हैं. आज बोलियां समाप्त होने जा रही हैं.
भारतीय भाषाओं के संरक्षण व संवर्द्धन जरूरी है. उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिसभा में रोमन लिपि की बजाये भारत में विविध भाषाओं के लिए प्रयुक्त की जानेवाली लिपियों में से ही किसी लिपि का प्रयोग किया जाये, ऐसा प्रस्ताव पारित किया गया है.
स्वयंसेवक व समाज के हर वर्ग से आह्वान किया गया है कि दैनिक जीवन में अपनी मातृभाषा का उपयोग पर बल दें. उन्होंने कहा कि झारखंड में भी स्थानीय स्थानीय भाषाओं के विकास के लिए सरकार की ओर से कार्य किये जा रहे हैं. स्कूल व कॉलेजों में जनजातीय शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है. इसमें और तेजी लाने की आवश्यकता है. पत्रकार वार्ता में श्री लाल के साथ बिहार-झारखंड के सह क्षेत्र संचालक देवव्रत पाहन, प्रांत सह प्रचार प्रमुख संजय कुमार मौजूद थे.

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