रांची : पंजाब की युवती से चलती ट्रेन में रांची-मुरी स्टेशन के बीच गैंगरेप किया गया. यह घटना झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के बोगी नंबर एस थ्री में छह फरवरी की रात घटी जिससे झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास दुखी हैं. मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि दिल्ली से रांची आ रही ट्रेन में एक बिटिया के साथ दरिंदगी की खबर से मन द्रवित है. बिटिया को हर मुमकिन मेडिकल सुविधा सरकार उपलब्ध कराएगी. दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
चलती ट्रेन में युवती से गैंगरेप, बोले सीएम रघुवर दास- दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
रांची : पंजाब की युवती से चलती ट्रेन में रांची-मुरी स्टेशन के बीच गैंगरेप किया गया. यह घटना झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के बोगी नंबर एस थ्री में छह फरवरी की रात घटी जिससे झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास दुखी हैं. मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि दिल्ली से रांची आ रही ट्रेन […]

बताया जा रहा है कि जिस वक्त घटना हुई उस समय बोगी में न कोई पैसेंजर था और न हीं कोई सुरक्षा गार्ड. इसी का फायदा उठा कर दो युवकों ने दुष्कर्म किया. रांची के कडरू स्थित शिक्षण संस्थान के हॉस्टल में रह स्पोकेन इंग्लिश सीखने आयी युवती ने सदमे में जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया.
पीड़िता को संस्था के सदस्यों ने गुरुनानक अस्पताल में भर्ती कराया. स्थिति में सुधार होने पर 15 फरवरी को उसने चुटिया थाना को आपबीती बतायी. बयान लेने के बाद चुटिया पुलिस ने मामला रांची जीआरपी को ट्रांसफर कर दिया. रेल डीएसपी किस्टोफर केरकेट्टा ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. आरोपियों के बारे में पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
आभा-उद्यान एक्सप्रेस में लड़की से हुआ था गैंग रेप
इस घटना से पहलेआभा-उद्यान एक्सप्रेस में एक लड़की से गैंग रेप हुआ था. इस घटना में रेलवे के टीटीइ की भूमिका भी सामने आयी थी. वारदात को जसीडीह और झाझा स्टेशन के बीच अंजाम दिया गया था.
क्या बताया पीड़िता ने
पीड़िता के अनुसार, पांच फरवरी की रात 10 बजे वह दिल्ली से झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन के कोच नंबर एस- 3 में सवार हुई थी. छह फरवरी की रात करीब 12 बजे रांची स्टेशन से पहले उसके बर्थ नंबर 17 के पास दो युवक आये. एक युवक ने गमछा से उसका मुंह दबा दिया. इसके बाद दोनों ने दुष्कर्म किया. रांची से एक स्टेशन पहले दोनों युवक भाग गये. घटना के समय कोच की लाइट बंद थी. उस समय बोगी में न कोई यात्री था और न कोई पुलिस. सदमे के कारण मैं किसी से कुछ बोल भी नहीं पायी. तनाव के कारण हॉस्टल में आठ फरवरी को जहर खाकर जान देने का प्रयास किया.