गुलजार हो रहा हुंडरू फॉल

सिकिदिरी : हुंडरू फॉल की खूबसूरती सैलानियों को रोमांचित करती है. 320 फीट की ऊंचाई से गिरता झरना का पानी अलग ही आनंद देता है. जो यहां एक बार आता है, वह बार-बार आना चाहता है. हुंडरू फॉल के आसपास कई ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल हैं, जो घूमने योग्य हैं. यूं तो यहां सालों भर सैलानी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
सिकिदिरी : हुंडरू फॉल की खूबसूरती सैलानियों को रोमांचित करती है. 320 फीट की ऊंचाई से गिरता झरना का पानी अलग ही आनंद देता है. जो यहां एक बार आता है, वह बार-बार आना चाहता है.
हुंडरू फॉल के आसपास कई ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल हैं, जो घूमने योग्य हैं. यूं तो यहां सालों भर सैलानी आते हैं, लेकिन दिसंबर से फरवरी तक सैलानियों की भीड़ देखी जाती है. यहां 15 जनवरी को टुसू मेला भी लगता है. हुंडरू फॉल में झारखंड, बिहार व पश्चिम बंगाल के सैलानी ज्यादातर आते हैं. यहां स्नान करना सख्त मना है. पिछले 12 साल में स्नान के क्रम में कई लोगों की जान गयी है.
यहां पहुंचने के दो रास्ते हैं
हुंडरू फॉल पहुंचने के दो रास्ते हैं. पहला रास्ता है रांची से अनगड़ा वाया गेतलसूद से हुंडरू फॉल. इसकी दूरी है लगभग 42 किमी. रास्ता बहुत बढ़िया है. इस रास्ते से आने से सीधे फॉल के ऊपर पहुंचा जा सकता है. फॉल को नजदीक से देखने के लिए 745 सीढ़ी से नीचे उतरना पड़ता है. दूसरा रास्ता है ओरमांझी से वाया सिकिदिरी-हुंडरू फॉल. दूरी लगभग 45 किमी. रास्ता बढ़िया है. इस रास्ते से आने से फॉल को नीचे से देखा जा सकता है.
क्या देखें, बरतें सावधानी
साहेब चिकिवा : यह फॉल के ऊपर दायीं तरफ है. उतरने से गहराई कम दिखता है, लेकिन नीचे काफी गहराई है.
जोगियादाह : बेहद खतरनाक स्थान. इसकी गहराई लगभग 35 फीट है.
भंडारदाह : जहां झरना का पानी गिरता है, उस जगह को भंडारदाह कहते हैं. इसकी गहराई आज तक मापी नहीं जा सकी है. फॉल के आसपास कुछ खतरनाक स्थान हैं. जहां पानी में उतरने व घुसने पर सख्त मनाही है. सैलानियों को इस स्थान से बचने की सलाह दी जाती है. इन स्थानों पर दर्जनों लोगों की जान गयी है.
नशापान पर है पाबंदी
यहां सुविधा के नाम पर पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन मित्रों को रखा गया है. इस बार यहां नशापान पर पाबंदी लगायी गयी है. नशापान करते पकड़े जाने पर सैलानी को दंड भरना होगा. पुलिस के जवान फॉल के आसपास तैनात रहेंगे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >