....जब झारखंड हाइकोर्ट ने सरकार से चिटफंड घोटाले की जांच को लेकर पूछा ये सवाल

अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद रांची : झारखंड हाइकोर्ट में सोमवार को संताल परगना क्षेत्र में चिटफंड कंपनियों द्वारा किये गये घोटाले की सीबीआइ जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि घोटाले […]

अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में सोमवार को संताल परगना क्षेत्र में चिटफंड कंपनियों द्वारा किये गये घोटाले की सीबीआइ जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि घोटाले की जांच के लिए सीबीआइ को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराया गया या नहीं.
यदि उपलब्ध कराया गया है, क्या-क्या संसाधन सीबीआइ को मुहैया करायी गयी है. खंडपीठ ने सीबीआइ से जानना चाहा कि सरकार से क्या सहयोग मिल रहा है. पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी.
उल्लेखनीय है कि प्रार्थी अब्दुल खबीर व अन्य की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है. इसमें कहा गया है कि संताल परगना क्षेत्र में कई चिटफंड कंपनियों ने निवेशकों के करोड़ों रुपये जमा कराया आैर हड़प लिया है. पिछली सुनवाई के दाैरान सीबीआइ की अोर से कोर्ट में दायर शपथ पत्र में बताया गया कि जांच के लिए 159 नये मामलों को चिह्नित किया गया है.
इन मामलों की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है. एक डीआइजी व दो एसपी निगरानी करेंगे. उपरोक्त मामलों की जांच के लिए सीबीआइ ने राज्य सरकार से इंस्पेक्टर, कांस्टेबल, कंप्यूटर, लैपटॉप, भवन, वाहन सहित अन्य संसाधन मुहैया कराने की मांग की है.

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