रांची : लोगों को टैक्स भरने का मौका दिया जाये : महेश पोद्दार

होल्डिंग टैक्स नियमावली की जटिलताओं पर सांसद महेश पोद्दार ने उठाये सवाल, मेयर को लिखा पत्र रांची : राज्यसभा सदस्य महेश पोद्दार ने रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा को पत्र लिखकर नयी होल्डिंग टैक्स नियमावली की जटिलताओं पर सवाल उठाये हैं. कहा है कि रांची शहर में 98,000 घरों में से 32,000 घरों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
होल्डिंग टैक्स नियमावली की जटिलताओं पर सांसद महेश पोद्दार ने उठाये सवाल, मेयर को लिखा पत्र
रांची : राज्यसभा सदस्य महेश पोद्दार ने रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा को पत्र लिखकर नयी होल्डिंग टैक्स नियमावली की जटिलताओं पर सवाल उठाये हैं. कहा है कि रांची शहर में 98,000 घरों में से 32,000 घरों का नया होल्डिंग नहीं है. ऐसे में नियमों में सुधार कर लोगों को टैक्स भरने का मौका देना चाहिए. इस नियमावली में लोगों की समस्याएं समझने के बजाय, उन्हें डिफाॅल्टर करार देकर दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है, जो सही प्रतीत नहीं होता है.
श्री पोद्दार ने कहा कि नगर निगम की पिछली बैठक में उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था. जटिल नियमों की वजह से वह अपने पैतृक भवन का टैक्स देने या नया होल्डिंग लेने में असमर्थ हैं. कानून की नजर में मुझे डिफॉल्टर घोषित कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि मेरा पैतृक घर मेरी स्वर्गीय मां के नाम से है. भाइयों के बीच बंटवारा नहीं हुआ है. आज भी स्वामित्व सामूहिक रूप से है. नियमानुसार गृहस्वामी को एफिडेविट देना है. चूंकि गृहस्वामी नहीं है, तो एफिडेविट कौन देगा?
ऐसी समस्या हजारों लोगों की है. श्री पोद्दार ने जीएसटी के मामले में केंद्र सरकार की पहल का उदाहरण दिया है. कहा है कि फॉर्म नहीं भरनेवाले व्यापारियों को न तो नोटिस दिया गया है न ही डिफाॅल्टर घोषित किया जा रहा है. बल्कि अधिकारियों को व्यापारियों से समस्याएं पूछ कर दूर करने का निर्देश दिया गया है. यदि कानून के कारण किसी को दिक्कत हो रही है, उसका निरीक्षण करें.
श्री पोद्दार ने कहा है कि हमारा सौभाग्य है इस शहरी विकास मंत्री भी स्थानीय विधायक हैं और काफी सक्रिय हैं. मुझे आश्चर्य है कि यह मामला उनके संज्ञान में क्यों नहीं दिया गया? नगर विकास मंत्री और डिप्टी मेयर शहर के हजारों लोगों को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और उनसे जानकारी ले सकते हैं कि क्या दिक्कत है. इसका निदान भी कर सकते हैं.
रांची : झारखंड चेंबर की कार्यकारिणी समिति की तीसरी बैठक गुरुवार को चेंबर भवन में हुई. सदस्यों ने रांची नगर निगम की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया. कहा कि निगम के अधिकारियों में आपसी तालमेल का घोर अभाव है.
साइन बोर्ड और पार्किंग शुल्क के नाम पर दुकानदारों को अनावश्यक प्रताड़ित किया जा रहा है. नगर निगम पिछले पांच वर्षों में अपने मुख्य कार्य शहर की सफाई व्यवस्था को बरकरार रखने में असक्षम है. रोड वाइडनिंग के नाम पर लोगों से ली गयी जमीन पर निगम पार्किंग और शौचालय बनाकर भाड़ा वसूल रहा है. निर्णय लिया गया कि चेंबर इन समस्याओं पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, मेयर और डिप्टी मेयर से बात करेगा. अगर इन समस्याओं को त्वरित गति से निबटारा नहीं करता है, तो चेंबर बड़े स्तर पर नगर निगम के हर कार्य का बहिष्कार करेगा.
बैठक में चेंबर ने कुल 64 उप समितियों का गठन किया. इस दौरान संताल परगना की समस्याओं पर चर्चा हुई. सदस्यों ने यह भी कहा कि सरकार ने कैबिनेट में सौर ऊर्जा की कीमत को 4.95 से लेकर 5.15 रुपये तय किया है. जबकि पूरे देश में सौर ऊर्जा की दर 2.44 रुपये है.
बैठक में चेंबर अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया, उपाध्यक्ष दीनदयाल बरनवाल, सोनी मेहता, प्रवीण जैन छाबड़ा, राहुल मारू, कार्यकारिणी सदस्य आरडी सिंह, मुकुल तनेजा, राहुल साबू, किशोर मंत्री, पंकज पोद्दार, राम बांगड़, दीपक मारू आदि मौजूद थे.
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