34 लावारिस शवों को मिली मुक्ति

रांची : मुक्ति संस्था ने रिम्स के शीतगृह में पड़े 34 लावारिस शवों का रविवार को जुमार नदी तट पर विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया. इनमें पांच महिला और 29 पुरुष के शव शामिल थे. मुक्ति संस्था के सदस्य सुबह नौ बजे रिम्स शीतगृह पहुंच गये थे. शवों को शीतगृह से निकाला गया. तुलसी पत्ता […]

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रांची : मुक्ति संस्था ने रिम्स के शीतगृह में पड़े 34 लावारिस शवों का रविवार को जुमार नदी तट पर विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया. इनमें पांच महिला और 29 पुरुष के शव शामिल थे. मुक्ति संस्था के सदस्य सुबह नौ बजे रिम्स शीतगृह पहुंच गये थे. शवों को शीतगृह से निकाला गया. तुलसी पत्ता मुंह में डाल कर शवाें की अच्छी तरह पैकिंग की गयी. इसके बाद शवाें को अंतिम संस्कार के लिए जुमार नदी तट पर ले जाया गया.
जुमार नदी तट पर हरीश नागपाल, पंकज चौधरी, रोहित सिंह, राकेश, गौतम देव, राजा गोयनका, संजू कुमार, आशीष भाटिया, नीरज खेतान, पंकज मिढ़ा, कुशल, संजय, राम बांगर, परमजीत टिंकू ने चिता की लकड़ियां सजायीं. शवों पर चंदन की लकड़ी और घी डाला गया. सदस्यों ने सभी धर्मों की प्रार्थना की, जिसे परमजीत टिंकू द्वारा कराया गया. इसके बाद शवों को अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने मुखाग्नि दी. मंगलवार को दरिद्र नारायण भोज का आयोजन सर्जना चौक स्थित राम मंदिर में किया गया है. अंतिम संस्कार में प्रदीप खन्ना, सुदर्शन अग्रवाल, अमित, राकेश, रोहित पोद्दार, राजेश विजयवर्गीय, रतन अग्रवाल, नवीन गाड़ोदिया, विकास सिंघानिया, आदित्य राजगढ़िया, राजा, अनिल केशरी का ने सहयोग किया.
अब तक 434 शवाें का किया अंतिम संस्कार
मुक्ति संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने बताया कि अब तक 434 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है. संस्था के सदस्य पूरे तन-मन से इस कार्य को संपन्न करने में लगे रहते हैं. शुरू में कुछ ही लोग इस संस्था से जुड़े थे, लेकिन बाद में बड़ी संख्या में लोग इस कार्य में जुड़ने लगे.
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