डंडे और हथियार लेकर की निकली रैली

रांची: सीएनटी/एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ बिरसा मुंडा उलगुलान मंच झारखंड के तत्वावधान में शुक्रवार को रैली निकाली गयी. रैली बिरसा चौक अौर रातू रोड से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए मोरहाबादी मैदान पहुंची. वहां सभा का आयोजन किया. मौके पर ग्लैडसन डुंगडुंग ने कहा कि रघुवर सरकार को समझना चाहिए कि […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची: सीएनटी/एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ बिरसा मुंडा उलगुलान मंच झारखंड के तत्वावधान में शुक्रवार को रैली निकाली गयी. रैली बिरसा चौक अौर रातू रोड से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए मोरहाबादी मैदान पहुंची. वहां सभा का आयोजन किया.

मौके पर ग्लैडसन डुंगडुंग ने कहा कि रघुवर सरकार को समझना चाहिए कि उलगुलान का अंत नहीं हुआ है. जमीन बचाने के लिए आदिवासियों द्वारा उलगुलान जारी रहेगा. सीएनटी-एसपीटी एक्ट कोई कागज का टुकड़ा नहीं है. यह हमारे पूर्वजों द्वारा बलिदान देकर हासिल किया गया अधिकार है. पीसी मुर्मू ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन जबरन किया गया है. जनजातीय परामर्शदात्री परिषद की आंख में धूल झोंक कर पास कराया गया है.

उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार ने तीन मिनट में विधानसभा में कानून में संशोधन प्रस्ताव को पारित कर राज्यपाल को भेज कर पूरे विश्व में इतिहास रच दिया. भाजपा सरकार ने आनन-फानन में आदिवासियों को समाप्त करने का कानून बनाने की पहल कर दी. आरएसएस के लोग गांव-गांव में फैले हैं, वे सरना-ईसाई की एकता भंग कर वोट लेने का काम करेंगे. हमें सावधान रहने की जरूरत है. प्रभाकर कुजूर ने पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों से परिचित कराया. अजय कंडुलना ने कहा कि हम अपने पूर्वजों की शहादत व खून को भूल गये हैं, जिसे याद करने की जरूरत है. अन्य वक्ताअों ने भी सभा को संबोधित किया.
इससे पूर्व बिरसा चौक से मोरहाबादी तक पारंपरिक हथियारों के साथ रैली निकाली गयी. बिरसा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर रैली की शुरुआत की गयी. इस अवसर पर समीर तोपनो, फेलिक्स, ज्योति टोप्पो, एलडीफोंस, डी पॉल, अमित केरकेट्टा, वाल्टर कंडुलना, प्रभाकर नाग सहित अन्य उपस्थित थे.
बिरसा समाधि स्थल पर विरोध के स्वर
रांची. पूर्व सीएम पूर्व मुख्यमंत्री सह प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि यह वीरों की धरती है. जाे सरकार बिरसा की धरती का अपमान करेगी, उसका विरोध स्वाभाविक है़ बीजेपी की राजनीति सांप्रदायिकता से चल रही है़ वे भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद पत्रकारों से रूबरू थे़ इस अवसर पर जेएमएम की महुआ माजी, पवन जेडिया, जमील खान, सुहैल खान, जावेद अनवर, अंतु तिर्की, शमीम कुरैशी, ख्वाजा मुजाहिद, फैयाज शाह, संजय तिर्की व शामिल थे़
रैली के नेतृत्वकर्ताओं के खिलाफ होगी प्राथमिकी : डीसी
रांची. उपायुक्त मनोज कुमार ने कहा कि बगैर प्रशासन की सूचना के रैली निकाली गयी थी. उन्होंने रैली निकालने वाले नेतृत्वकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है. उपायुक्त ने कहा कि मंच पर जो लोग थे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. सीडी देखकर लोगों को चिह्नित किया जा रहा है. साथ ही नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है. नुकसान की भरपाई आयोजनकर्ताओं को करना होगा. इसके लिए उन्हें 10 जून काे नोटिस जारी किया जायेगा.
प्रशासन को थी सूचना पर नहीं की कोई तैयारी
रांची. बिरसा मुंडा उलगुलान मंच के बैनरतले मोरहाबादी मैदान में शुक्रवार को रैली है. रैली में शामिल होनेवाले लोग बिरसा चौक से हरमू रोड, हिनू और रातू रोड होते हुए मोरहाबादी पहुंचेंगे. मंच के अध्यक्ष ने प्रशासन को पत्र लिख कर दी थी. स्पेशल ब्रांच ने भी पुलिस मुख्यालय व रांची पुलिस को इसकी सूचना दी थी. रैली में तीन से चार हजार के बीच लोग जुटेंगे, इसकी भी सूचना दो बार स्थानीय पुलिस को दी गयी. तीन दिन पहले और आठ जून को. इन सबके बाद भी न तो मोरहाबादी मैदान में सुरक्षा की व्यवस्था की गयी और न ही उन सड़कों पर, जिनसे होकर लोग सभा में जुटने वाले थे. इतना ही नहीं शुक्रवार को जब खूंटी से बसों में भर कर लोग रांची के निकले, तब खूंटी पुलिस ने रांची पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी. रांची पुलिस तब भी नहीं अलर्ट हुई, जब बिरसा चौक से भीड़ पैदल ही मोरहाबादी मैदान के लिए निकली. अगर इस वक्त तक पुलिस अलर्ट हुई होती, तो हरमू रोड में तोड़फोड़ व भाजपा कार्यालय पर पत्थरबाजी की घटना नहीं होती. पुलिस की तैयारी के हालात यह रही कि हरमू रोड में तोड़फोड़ के बाद जिन पुलिसकर्मियों को वहां भेजा गया, उनमें से कई ट्रैक शूट में थे, तो कई सिविल ड्रेस में थे. बिना तैयारी और ब्रिफिंग के उन्हें तैनात कर दिया गया था. ट्रैफिक पुलिस भी शुरू में अलर्ट नहीं हुई. और मेन रोड, हरमू रोड, अशोकनगर रोड में जाम की स्थिति बनी.
यहां-यहां हुई चूक : ग्रामीण खूंटी से बस व अन्य वाहनों पर सवार होकर रांची आयें, खूंटी पुलिस ने नहीं किया अलर्ट
बिरसा चौक से पैदल ही मोरहाबादी मैदान के लिए चले, करीब डेढ़ घंटे का वक्त लगा, किसी ने नहीं लिया नोटिस.
भीड़ जब सड़क से जा रही थी, तब ट्रैफिक पुलिस ने नहीं किया रूट डाइवर्ट.
कहां कब दी गयी सूचना : बिरसा मुंडा उलगुलान मंच के अध्यक्ष अलोइस मिंज ने पांच जून को एसडीओ व छह जून को डीसी कार्यालय को दी थी सूचना.
स्पेशल ब्रांच ने तीन दिन पहले पुलिस मुख्यालय व रांची पुलिस को दी थी सूचना : स्पेशल ब्रांच ने आठ जून को भी पुलिस मुख्यालय व रांची पुलिस को दी थी सूचना कि तीन-चार हजार लोग जुटेंगे.
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