सुकरहुटू में खौफ, घर छोड़ कर भागे लोग, 100 से पूछताछ, 62 गिरफ्तार

रांची : कांके थाना क्षेत्र के सुकरहुटू में सोमवार रात दो गुटों के बीच हुई झड़प के बाद मंगलवार को इलाके के अधिकतर घरों में ताले लटके रहे. कहीं दोबारा माहौल न खराब हो जाये, इसी डर से लोग घर छोड़ कर कहीं बाहर चले गये. धार्मिक स्थल भी बंद रहे. अधिकतर दुकानें भी नहीं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

रांची : कांके थाना क्षेत्र के सुकरहुटू में सोमवार रात दो गुटों के बीच हुई झड़प के बाद मंगलवार को इलाके के अधिकतर घरों में ताले लटके रहे. कहीं दोबारा माहौल न खराब हो जाये, इसी डर से लोग घर छोड़ कर कहीं बाहर चले गये. धार्मिक स्थल भी बंद रहे. अधिकतर दुकानें भी नहीं खुली. गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा. गांव में बचे कुछ लोगों को वहां तैनात पुलिस घरों से बाहर निकलने से रोकती रही. पुलिस के सीनियर अफसर इलाके में कैंप कर रहे हैं. स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया.

घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों को खदेड़ कर पकड़ा है. 63 पर प्राथमिकी दर्ज की है. 62 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. अज्ञात 200 लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. 100 लोगों से प्ूछताछ की गयी है.पुलिस ने घटनास्थल से 12 तलवार, तीन दाब, एक खोखा बरामद किये हैं.

कांके थाने की दारोगा ने दर्ज करायी प्राथमिकी : कांके थाने की दारोगा मीरा सिंह की शिकायत पर घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, कांके थाना प्रभारी राजीव रंजन को सुकरहुटू में दो गुटों के बीच मारपीट की सूचना शाम 7.20 बजे मिले थी. उन्होंने सनहा दर्ज कर गश्ती पार्टी को घटनास्थल पर भेजा. थाना प्रभारी भी खुद दारोगा मीरा सिंह और कुछ जवानों को लेकर पहुंचे. प्राथमिकी के अनुसार, वहां धार्मिक स्थल के पास एक गुट के करीब 500 लोग जमा थे. दूसरी तरफ भी दूसरे गुट के करीब 500 लोग जमा थे. दोनों गुट के लोग एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगा रहे थे. सभी तलवार, भाला, लाठी-डंडा सहित अन्य घातक हथियारों से लैस थे. आपस में टकराने की स्थिति में थे. थाना प्रभारी ने वरीय पुलिस पदाधिकारी को घटना की सूचना दी और दोनों पक्ष को समझाने का प्रयास किया. पर वे नहीं माने और एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस पर भी पथराव करने लगे.

फायरिंग भी कर रहे थे लोग : प्राथमिकी के अनुसार, दोनों गुट के लोग पत्थरबाजी और फायरिंग कर रहे थे. पुलिस हिंसक भीड़ के बीच बुरी तरह फंस गयी थी. इसी दौरान पत्थरबाजी से कांके थाना प्रभारी का सिर फट गया. हिंसक भीड़ ने पुलिस पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग भी की. पुलिस से हथियार छीनने का प्रयास भी किया गया. आत्मरक्षार्थ थाना प्रभारी ने फायरिंग का आदेश दिया. सिपाही दिनेश चंद्र हांसदा, हरिश्चंद्र उरांव ने दो-दो राउंड फायरिंग की. इसके बावजूद पत्थरबाजी होती रही. मौके पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने दोनों गुट को समझाने का प्रयास किया, पर हिंसक भीड़ नहीं मानी और पत्थरबाजी तेज कर दी. सीनियर पुलिस अफसरों के निर्देश पर भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़े गये. हल्का बल प्रयोग किया गया. उग्र भीड़ ने एसडीओ की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया.

उपद्रवियों से वसूला जायेगा जुर्माना

एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने बताया, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है, उनमें पप्पू ठाकुर को छोड़ अन्य सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पप्पू ठाकुर की संलिप्तता पर अभी ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं. इसलिए उसे जांच के दायरे में रखा गया है. अन्य लोगों के नाम व पते का सत्यापन किया जा रहा है. घटना में कांके थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मी घायल हुए थे. घटना को लेकर दोनों पक्ष ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं करायी है. शिकायत मिलने पर पुलिस केस दर्ज करेगी. सरकारी संपत्ति को जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए उपद्रवियों से जुर्माना वसूला जायेगा.

पुलिस लगातार कर रही है गश्ती

इलाके को सुरक्षा के दृष्टिकोण से पांच जोन में बांटा गया है. प्रत्येक जोन का इंचार्ज डीएसपी रैंक के पुलिस अफसर को बनाया गया है

जैप और जिला पुलिस के जवानों को मिला कर करीब 250 फोर्स की तैनाती की गयी है

13 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी है. इन्हें दो शिफ्ट में जिम्मेवारी दी गयी है

अलग से एक-एक कंपनी फोर्स के साथ तीन कमांडेंट भी तैनात किये गये हैं. इनमें जैप तीन की कमांडेंट निधि द्विवेदी, आरआरबी के कमांडेंट मदन मोहन लाल, जैप सात के कमांडेंट देवेंद्र ठाकुर शामिल हैं

राजधानी और आसपास के कुछ संवेदनशील इलाकों में अलग से 250 फोर्स तैनात की गयी है

धार्मिक स्थलों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है

संवेदनशील इलाके के थानेदार को अलर्ट रहने को कहा गया है

शांति बनाये रखने की अपील

डीआइजी एवी होमकर, एसएसपी और ग्रामीण एसपी ने सुकरहुटू में कैंप कर आम लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है. एसएसपी ने कहा कि लोग अपने हाथ में कानून लेने के बजाय तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दें. अफवाह पर ध्यान नहीं दें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >