वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारियों की निगरानी पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू

रामगढ़ में वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज सर्विलांस पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू, स्वास्थ्य अधिकारियों को बीमारियों की रोकथाम का प्रशिक्षण दिया गया।

रामगढ़: सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में सोमवार से वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) सर्विलांस विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण 20 व 21 जुलाई तक चलेगा. इसमें रामगढ़ व बोकारो जिले के स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी भाग ले रहे हैंं. कार्यशाला का उद्घाटन प्रभारी सिविल सर्जन डॉ स्वराज ने किया.

उन्होंने सर्विलांस प्रणाली को मजबूत करने तथा बीमारियों की समय पर पहचान व रोकथाम पर जोर दिया. प्रशिक्षण में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एसआरटीएल डॉ अमरेंद्र सिंह व एसएमओ डॉ सुधानंद प्रतिभागियों को वीपीडी सर्विलांस के नवीनतम दिशा-निर्देश, डेटा प्रबंधन व फील्ड मॉनिटरिंग की जानकारी दे रहे हैं.

कार्यक्रम में राज्य महामारी विशेषज्ञ डॉ प्रवीण कर्ण, राज्य डेटा प्रबंधक सौरभ सिंह व राज्य जीव वैज्ञानिक डॉ अंजली सहित राज्य स्तरीय टीम मौजूद थी. रामगढ़ व बोकारो के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, जिला सर्विलांस इकाई, जिला प्रतिरक्षण इकाई तथा जिला व प्रखंड स्तरीय एपिडेमियोलॉजिस्ट भी प्रशिक्षण में शामिल हुए.

कार्यशाला का उद्देश्य दोनों जिलों में स्वास्थ्य तंत्र को व अधिक सुदृढ़ बनाना है, ताकि खसरा, रूबेला, टिटनेस व काली खांसी जैसी वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारियों की प्रभावी निगरानी व रोकथाम सुनिश्चित की जा सके.


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