गोला(रामगढ़): जिले के गोला प्रखंड स्थित घाघरा गांव में बुधवार को वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक ममता देवी और विशिष्ट अतिथि डीएफओ नीतीश कुमार, सहायक वन संरक्षक सह रेंजर राकेश कुमार, प्रमुख गीता देवी, पार्षद जलेश्वर महतो, विधायक प्रतिनिधि जाकिर अख्तर, मुखिया पूर्णिमा सिंह, सतीश कुमार, जीतलाल टुडू और उपमुखिया अकबर अंसारी थे. कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों ने किया. राजकीय प्राथमिक विद्यालय घाघरा के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि सिद्धार्थ इंटरनेशनल एकेडमी, पूरबडीह के छात्र-छात्राओं ने बैंड-बाजे के साथ अतिथियों का स्वागत किया. स्वागत भाषण रेंजर ने दिया. अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.
मुख्य अतिथि रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और संरक्षण करना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि हर परिवार अपने घर के प्रत्येक अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाये. विधायक ने वन विभाग को हाथी प्रभावित गांवों में दो दिनों के भीतर हाई मास्ट लाइट लगाने की दिशा में कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया.
डीएफओ नीतीश कुमार ने कहा कि भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के कारण हाथियों के पारंपरिक मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे वे आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि परियोजना निदेशक के समक्ष पांच स्थानों पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके निर्माण से हाथियों को सुरक्षित आवागमन का रास्ता मिलेगा और गांवों में उनके प्रवेश की घटनाएं कम होंगी.
रेंजर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से अब तक 29 लाख 60 हजार रुपये मुआवजा का वितरण किया गया है. घाघरा क्षेत्र में पौधरोपण अभियान चल रहा है. पूरबडीह, चोपादारु और गोविंदपुर में चेकडैम का निर्माण कराया गया है. पूरबडीह स्थित डियर पार्क के दूसरे चरण का कार्य अंतिम चरण में है. पूरबडीह में अस्थायी नर्सरी भी स्थापित की गई है.
कार्यक्रम के दौरान जंगली हाथियों के हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों के बीच सहायता राशि का चेक वितरण किया गया. फसल और मकान क्षति के लिए भी मुआवजा राशि का वितरण किया गया. कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर करमाली ने किया. मौके पर जनार्दन बेदिया, सुबोध कुमार, नीलकमल, राजकुमार मुंडा, गौरीशंकर महतो, तस्लीम अंसारी, संतोष बेदिया, सृष्टिधर महतो, कपलेश्वर बेदिया, दशरथ महथा, वनरक्षी मनीष कुमार शर्मा, शिवशंकर कुमार, दीपक सिन्हा, योगेंद्र कुमार, दीपक दास और निलेश पोद्दार उपस्थित थे.
