पतरातू. पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) कंपनी ने एनटीपीसी के सहयोग से जन सहभागी विकास केंद्र, रांची के माध्यम से पतरातू प्रखंड की कोतो पंचायत स्थित डाडीडीह गांव में बिरहोर (पीवीटीजी) जनजाति समुदाय को सशक्त बनाने के लिए जूट हैंडिक्राफ्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है. बिरहोर समुदाय के पारंपरिक हुनर को आधुनिक डिजाइन और बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है. स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्ष रेणु सहगल ने कहा कि जूट हस्तशिल्प ग्रामीण और जनजातीय समुदायों के लिए आय का सशक्त और स्थायी माध्यम बन सकता है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे. उनके उत्पादों के विपणन के लिए उपयुक्त बाजार भी उपलब्ध कराया जायेगा. जन सहभागी विकास केंद्र, रांची की कोषाध्यक्ष ज्योति सिंह ने बताया कि महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए संस्था द्वारा महिलाओं एवं जनजातीय युवाओं को जूट हैंडिक्राफ्ट का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के बाद कारीगरों को आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराया जायेगा. उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किये जायेंगे. इस अवसर पर एनटीपीसी के पदाधिकारी, जन सहभागी विकास केंद्र के प्रतिनिधि, स्थानीय ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे.
:::बिरहोर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिला प्रशिक्षण
:::बिरहोर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिला प्रशिक्षण

:::बिरहोर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिला प्रशिक्षण