पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट
Ramgarh News : रामगढ़ जिले के पतरातू औद्योगिक क्षेत्र सेलिया स्थित सिद्धिटेक स्किल्ड महिलाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है. संस्थान के माध्यम से क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया है, जिससे उनकी आय बढ़ी है और आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है.
प्रशिक्षण से महिलाओं को मिला रोजगार
संस्थान में रेडीमेड गारमेंट्स निर्माण कार्य के तहत महिलाओं को आधुनिक मशीनों पर कपड़ा कटिंग, सिलाई, फिनिशिंग और पैकिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है. यहां तैयार किए गए परिधानों की आपूर्ति देश के प्रतिष्ठित ब्रांडों तक की जाती है. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कई महिलाएं संस्थान में कार्यरत हैं, जबकि अनेक महिलाएं घर से ही हैंड बटन, हेम वर्क और अन्य परिधान संबंधी कार्य कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं.
गांव की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
मस्जिद कॉलोनी, उच्चरिंगा, कोतो सहित आसपास के गांवों की महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के साथ घर पर ही कार्य कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं. इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होने के साथ महिला सशक्तीकरण को भी बल मिला है.
रोजगार से बढ़ा आत्मविश्वास
संस्थान से जुड़ी महिला कर्मियों ने बताया कि प्रशिक्षण और रोजगार ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा किया है. जेबा खान ने कहा कि वर्ष 2018 से संस्थान से जुड़ने के बाद वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और परिवार की स्थिति में सुधार आया है. वहीं गीता कुमारी ने बताया कि रोजगार मिलने से नियमित आय का स्रोत बना है, जिससे परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है. बलकुदरा निवासी पायल कुमारी ने बताया कि वह लगभग एक वर्ष से संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर कार्य कर रही हैं. सम्मानजनक कार्य वातावरण और नियमित आय ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है. वहीं पंच मंदिर निवासी अंशु कुमारी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से संस्थान से जुड़े रहने के दौरान उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है. नियमित रोजगार से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन करने का अवसर मिला है.
हुनर ने बदली महिलाओं की जिंदगी
महिलाओं का कहना है कि सिद्धिटेक स्किल्ड केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी दे रहा है. संस्थान की यह पहल क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण की एक सफल मिसाल बनती जा रही है.
यह भी पढ़ें : आईजीएसटी सेटलमेंट के बाद झारखंड को मिले 797 करोड़ रुपये, पिछले साल के मुकाबले 6% बढ़ोतरी
यह भी पढ़ें : झारखंड को हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे, रांची में बोले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन
