लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय में चार वर्षों से लटके हैं ताले

लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय में चार वर्षों से लटके हैं ताले

…खंडहर में तब्दील हो गये हैं टोंगी पंचायत के शौचालय ..नौ पंचायतों में तीन-तीन लाख की लागत से नौ सामुदायिक शौचालय बने थे 1 गिद्दी 5. टोंगी पंचायत का खंडहर सामुदायिक शौचालय. अजय कुमार, गिद्दी स्वच्छ भारत मिशन व 15वें वित्त से डाड़ी प्रखंड में लाखों की लागत से बने कई सामुदायिक शौचालय में चार वर्षों से ताले लटक रहे हैं. टोंगी पंचायत के शौचालय खंडहर में तब्दील हो गये हैं. इस पर पीएचइडी विभाग कोई पहल नहीं कर रहा है. कोविड-19 के प्रभाव से निपटने के लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किया गया था. इसके तहत प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाना था. कोरोना काल के दौरान डाड़ी प्रखंड की टोंगी, गिद्दी क, गिद्दी ग, रैलीगढ़ा पूर्वी, कनकी, बलसगरा, होन्हेमोढ़ा, हुआग व डाड़ी पंचायत में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया था. मिश्राइनमोढ़ा पंचायत में भी शौचालय बनना था, लेकिन नहीं बना. इस वजह से इसकी राशि विभाग को लौटा दी गयी. एक शौचालय के निर्माण पर तीन लाख खर्च किये गये थे. इसके निर्माण पर स्वच्छ भारत मिशन से दो लाख 10 हजार तथा 15वें वित्त से 90 हजार रुपये दिये गये थे. आनन-फानन में शौचालय बना दिये गये, लेकिन पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गयी. इसके कारण ज्यादातर शौचालयों में निर्माण अवधि से ही ताले लटक रहे हैं. कई शौचालय के आसपास झाड़ी उग आयी है. इसकी गुणवत्ता धीरे-धीरे खराब हो रही है. अब इसकी देखरेख भी कोई नहीं कर रहा है. एक शौचालय पर तीन लाख खर्च, जांच का विषय : अबुआ आवास निर्माण में दो लाख खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन एक शौचालय पर तीन लाख खर्च किये गये हैं. यह भी जांच का विषय है. चर्चा यह भी है कि इस पर अब डीएमएफटी फंड से पानी की व्यवस्था करने के लिए लाखों खर्च करने की तैयारी चल रही है. टोंगी पंचायत के जीएम ऑफिस बुधबाजार परिसर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण वर्ष 2020-21 में किया गया था. निर्माण के कुछ माह बाद ही इसके सभी दरवाजों की चोरी हो चुकी है. यह अब खंडहर में तब्दील हो गया है. गिद्दी ग पंचायत के शौचालय से बेसिन की चोरी हो चुकी है. डाड़ी पंचायत में सार्वजनिक जगह पर नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के घर के नजदीक सामुदायिक शौचालय बना दिया गया है. वही व्यक्ति इसका इस्तेमाल करता है. फिर ताला बंद कर दिया जाता है. अधिकांश सामुदायिक शौचालय में ताले लटके हैं. पानी नहीं होने से बंद हैं शौचालय : मुखिया कविता सिंह व हीरालाल गंझू ने कहा कि भौतिक रूप से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. उन्होंने कहा कि पानी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण शौचालय में ताले लटक रहे हैं. एसबीएम के जिला समन्वयक राजीव रंजन ने कहा कि सामुदायिक शौचालय के बारे में विभाग को सभी बात की जानकारी है. विभाग इस पर कार्य कर रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Saroj tiwary

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >