गोला: बरलंगा के लुकैयाटांड़ में आयोजित विकास मेला, परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा अनावरण समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी. कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया था. बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से महिला, पुरुष और युवा भी कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ता हाथों में पार्टी का झंडा और गुरुजी शिबू सोरेन का चित्र लेकर पहुंचे.
कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ शिबू सोरेन अमर रहें, दिशोम गुरु अमर रहें तथा झामुमो के समर्थन में जोरदार नारे लगाये.जिससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा. कार्यक्रम स्थल पर समर्थकों के उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला. समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी को लेकर भी कार्यकर्ताओं में खास उत्साह रहा. कार्यकर्ताओं ने गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और झारखंड आंदोलन में योगदान को याद किया.
मौके पर झामुमो जिला संयोजक मंडली प्रमुख विनोद किस्कू, दसंय मांझी, चित्रगुप्त महतो, सोनाराम मांझी, भुवनेश्वर महतो, जीतलाल टुडू, सतीश कुमार मुर्मू, बरतू करमाली, आलम अंसारी, फखरुद्दीन अंसारी, सकलदेव करमाली, महेश ठाकुर, शिवकुमार, श्याम करमाली, बबलू यादव, खुदीराम महतो, युगेश बेदिया, मुमताज अंसारी, निर्मल महतो, हरिचरण मुंडा, रामदेव महतो, कपिल महतो सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता मौजूद थे. गुरुजी हमेशा दिलों में बने रहेंगे : ममता देवी विधायक ममता देवी अपने कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंची. उन्होंने गुरुजी के आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही गुरुजी के पिता शहीद सोबरन सोरेन के चित्र पर भी पुष्प अर्पित किया. उन्होंने कहा कि गुरुजी हमेशा हम लोगों के दिलों में बने रहेंगे. भले ही वह सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं है. लेकिन हमारे दिलों में हमेशा बने रहेंगे. उनका योगदान हमेशा याद रखा जायेगा. मौकै पर अमित महतो, संतोष सोनी, गुलाम सरोवर, मनोज कुमार कोटवार, कमलेश कुमार महतो, गौरीशंकर महतो, विनीत प्रभाकर, सगीर अंसारी, तस्लीम अंसारी, अनुज कुमार और अरुण कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे. गुरुजी आंदोलन के पुरोधा थे : अर्जुन महतो पूर्व विधायक अर्जुन राम महतो कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि गुरुजी झारखंड आंदोलनकारी के अग्रणी नेता थे. उनके नेतृत्व में हम लोगों ने झारखंड अलग राज्य करने के लिए के वर्षों आंदोलन किया. जिसका देन है कि झारखंड अलग राज्य बना. गुरुजी के आदर्शों पर चलकर ही झारखंड राज्य प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि गुरुजी हमेशा लोगों को नशा से दूर रहने एवं शिक्षा पर जोर देने की बात कहते थे. जिसे एक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है.
