सात साल की खामोशी टूटी, समाज की पहल से फिर मिले दो सगे भाई

समाज की सकारात्मक पहल ने महलीडीह गांव में सात वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवाद को खत्म कर दो सगे भाइयों को फिर से मिला दिया. जमीन और घर के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद भाईचारे के आगे फीका पड़ गया.

मगनपुर. गोला प्रखंड अंतर्गत मगनपुर पंचायत के महलीडीह गांव में समाज की सकारात्मक पहल ने सात वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवाद को खत्म कर दो सगे भाइयों को फिर से मिला दिया. जमीन और घर के बंटवारे को लेकर शुक्र मुंडा और रघुवीर मुंडा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. विवाद के कारण दोनों भाइयों के बीच करीब सात वर्षों से बातचीत तक बंद थी.

मामले की जानकारी मिलने के बाद गांव के समाज के लोगों ने पहल की और दोनों भाइयों को एक जगह बैठाकर समझाया-बुझाया. ग्रामीणों ने कहा कि जमीन-जायदाद का विवाद कितना भी बड़ा क्यों न हो, भाई-भाई के रिश्ते से बड़ा नहीं हो सकता. उन्होंने दोनों से आपसी मतभेद और गिले-शिकवे भुलाकर भाईचारे के साथ रहने की अपील की. ग्रामीणों की समझाइश का सकारात्मक असर हुआ.

दोनों भाइयों ने पुरानी बातों को भुलाकर एक-दूसरे से बातचीत की और आपसी मिलाप कर लिया. लंबे समय बाद दोनों भाइयों के बीच बातचीत शुरू होने से परिवार और समाज के लोगों में भी खुशी देखी गयी. मौके पर लोगों ने कहा कि आपसी बातचीत और समझदारी से बड़े से बड़ा विवाद सुलझाया जा सकता है. समाज की पहल से परिवार का टूटता रिश्ता जुड़ना सामाजिक एकजुटता का उदाहरण है.

मौके पर मगनपुर पंचायत के उप मुखिया अकबर अंसारी, अधिवक्ता भागीरथ कुमार दांगी, लखी करमाली, दिलीप करमाली, शंकर महतो, सोनू मुंडा, टेकलाल महतो, दिलीप शर्मा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रोहित करमाली, कृष्णा शर्मा, आशीर्वाद करमाली, अंदु महतो, कृष्ण करमाली, राम किस्टो मुंडा, सुरेंद्र महतो, महावीर करमाली, निरंजन महतो और हीरालाल महतो समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे.

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By शंकर चंद्र पोद्दार

शंकर चंद्र पोद्दार को प्रिंट एवं डिजिटल पत्रकारिता में विशेष रुचि है. वह राजनीति, समाज, शिक्षा तथा क्षेत्रीय घटनाओं और जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष एवं तथ्यपरक ढंग से प्रमुखता के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. पिछले लगभग 12 वर्षों से प्रभात खबर के साथ जुड़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. उनका उद्देश्य जनसरोकार के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाते हुए समाज और प्रशासन के बीच एक सशक्त संवाद स्थापित करना है.

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