गोला: बोकारो जिला के चास निवासी सतीश जायसवाल ने अपनी पुश्तैनी भूमि विवाद में न्याय की मांग को लेकर चास से राजभवन रांची तक पदयात्रा शुरू की. वह गुरुवार को गोला पहुंचे. उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा उनकी पुश्तैनी भूमि से जुड़े लंबे समय से लंबित विवाद तथा कथित प्रशासनिक, राजस्व और न्यायिक अनियमितताओं के विरोध में निकाली जा रही है.
सतीश जायसवाल का दावा है कि वर्ष 2012 से वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन, शिकायत और साक्ष्य प्रस्तुत करते रहे हैं. लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने वाली कार्रवाई की गयी.
उन्होंने यह भी कहा कि वे पूर्व में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठे थे. जिसे उपायुक्त के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया. लेकिन आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि विवादित भूमि के संबंध में वैध उत्तराधिकारियों के बंटवारे से पहले ही खरीद-बिक्री, म्यूटेशन और अन्य राजस्व संबंधी कार्रवाई की गयी.
जिसकी उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है. उन्होंने संबंधित न्यायिक एवं राजस्व अभिलेखों में भी गंभीर प्रक्रियागत अनियमितताओं का आरोप लगाया. जायसवाल ने कहा कि उनकी पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संविधानसम्मत है तथा इसका उद्देश्य राज्यपाल के समक्ष अपनी बात रखकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करना है. उन्होंने पदयात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है.
