कुल्ही में सरहुल गीतों पर थिरके लोग, मनायी खुशियां

कुल्ही में सरहुल गीतों पर थिरके लोग, मनायी खुशियां

दुलमी. दुलमी प्रखंड के कुल्ही गांव स्थित सरना स्थल में शनिवार को सरहुल पूजा सह महोत्सव मनाया गया. आदिवासी परंपरा को बरकरार रखने के लिए लोग सरहुल गीत पर थिरके. पुजारी रेंगटा पाहन, ब्रिजा पाहन ने सखुआ फूल से पूजा की. जल, जंगल, जमीन व फसलों की हरियाली की कामना की गयी. सुखदेव मुंडा ने कहा कि सरहुल पूजा आदिवासियों का महान पर्व है. इस अवसर में पेड़- पौधों में हरियाली आती है. पूजा के बाद प्रसाद का वितरण किया गया. सखुआ का फूल एक दूसरे को भेंट कर सरहुल की बधाई दी. नृत्य अखाड़ा का उद्घाटन रेंगटा पाहन ने किया. उधर, दुलमी प्रखंड क्षेत्र के इचातु, पांचा के सरना स्थल पर पूजा की. कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सुखदेव मुंडा ने की. संचालन बासुदेव कुमार मुंडा ने किया. मौके पर चतुर मुंडा, समेराम मुंडा, गंधारी मुंडा, टहलू करमाली, किशुन मुंडा, संदीप मुंडा, घाखुल मुंडा,सीबू मुंडा, भूलेश्वर मुंडा, राम किशुन, उमेश मुंडा, जय नंदन मुंडा, करमचंद मुंडा, संदीप कुमार मुंडा, केतर मुंडा, पुनीत मुंडा, महेश मुंडा, किटका, पिंटू मौजूद थे.

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By SAROJ TIWARY

SAROJ TIWARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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