लंगर के साथ संपन्न हुआ तीन दिवसीय कार्यक्रम, कथा-कीर्तन व भजन का आयोजन भुरकुंडा. भुरकुंडा मेन रोड स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में नये भवन की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर चल रहे तीन दिवसीय समागम का समापन शनिवार को हुआ. इस दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए. गुरुद्वारा में चल रहे अखंड पाठ के समापन के बाद गुरुग्रंथ साहिब के विधि-विधान से भुरकुंडा थाना मैदान स्थित समारोह स्थल ले जाया गया. यहां पर दीवान सजा था. श्री गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना के बाद कथा-कीर्तन व भजन का आयोजन हुआ. पूरा दिन शबद-कीर्तन से निहाल रहा. यह आयोजन कार सेवा अमृतसर (भूरी वाले) की ओर से किया गया था. इसमें पंजाब, बिहार व झारखंड के विभिन्न जिलों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु व सेवादार पहुंचे थे. समागम में मुख्य रूप से अमृतसर जत्थेदार बाबा कश्मीर सिंह, बाबा सुखविंदर सिंह, बाबा गुरविंदर सिंह, कथावाचक भाई सतनाम सिंह, बाबा मिठ्ठा सिंह, बाबा अमरीक सिंह (पटियाला), सेवादार जगदीप सिंह, सुनील सिंह, भाई हरजीत सिंह (पटना), अकाली दल के भाई रवींद्र सिंह, कथावाचक भाई रंजीत सिंह, रागी जत्था गुरदीप सिंह (टाटा), सुमित सिंह कलसी (रांची), बलदेव सिंह, सरदार इंद्रजीत सिंह शामिल थे. इस अवसर पर अटूट लंगर का आयोजन हुआ. विधायक रोशनलाल चौधरी ने मत्था टेकने के बाद लंगर ग्रहण किया. विधायक ने कहा कि यह आयोजन धार्मिक होने के अलावा क्षेत्र की सामाजिक एकता के लिए भी बड़ा मंच है. मौके पर संजीव बेदिया, मनोज राम, दिलीप दांगी, भूपेंद्र सिंह सैनी, अजय पासवान, परमजीत सिंह धामी, सुखदेव प्रसाद, जगतार सिंह, बलजीत सिंह, अशोक चौहान, प्रवीण शर्मा, डब्लू सिंह उपस्थित थे. आयोजन को सफल बनाने में ग्रंथी हीरा सिंह, प्रधान लाल सिंह रंधावा, इंद्रजीत छाबड़ा, जसपाल सिंह, निशांत सिंह, अमर सिंह, रिंकू सिंह धामी, राजेंद्र सिंह, सोनू सिंह, परमजीत सिंह धामी, नरेंद्र सिंह, जगतार सिंह, अंग्रेज सिंह, गुरदीप सिंह, संदीप सिंह, जसबीर सिंह, नवजोत, रतन, कुलदीप, चंचल, राजरानी कौर, परमजीत कौर, करम कौर, हरभजन कौर, कमलेश रानी कौर, अमरजीत कौर, ऊषा कौर, सरबजीत कौर, रेखा कौर, रानी कौर, तनुजा कौर, दलविंदर कौर, शीतल कौर, उत्तम सिंह, संगीता कौर, पूर्णिमा कौर, मनजीत कौर, उपमा कौर, रिंकी कौर, मोनू सिंह, करण सिंह, साजन सिंह, प्रीत सिंह, पीयूष सिंह, प्रियांशु का योगदान रहा.
अखंड-पाठ व शबद-कीर्तन से निहाल रहा सिख समाज का समागम
अखंड-पाठ व शबद-कीर्तन से निहाल रहा सिख समाज का समागम
