झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में जालेश्वर की रही मुख्य भूमिका : राजकुमार

शहीद जालेश्वर महतो के 32वें शहादत दिवस

कुजू. झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में शहीद जालेश्वर महतो की अग्रणी भूमिका रही है. उन्होंने कम समय में इस क्षेत्र के लोगों को जगाने का काम किया. उक्त बातें झामुमो के केंद्रीय सदस्य राजकुमार महतो ने कही. श्री महतो रतवे स्थित नावाटांड़ में मंगलवार को शहीद जालेश्वर महतो के 32वें शहादत दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कुर्बानियों के बाद हमलोगों को अलग राज्य मिला. लंबे समय तक भाजपा ने इस राज्य में शासन किया. इसके कारण शहीदों का सपना साकार नहीं हो पाया. आज उनके सपनों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साकार करने में लगे हैं. इससे पूर्व, शहीद की पत्नी सुशीला देवी, पुत्री ममता कुमारी एवं उनके परिवार के सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी. मुख्य अतिथि श्री महतो एवं अन्य सदस्यों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया खागेश्वर महतो ने की. संचालन राजनाथ महतो ने किया. धन्यवाद ज्ञापन मो सागिर हुसैन ने किया. मौके पर सोना राम मांझी, एतो बास्के, मोहरलाल महतो, सुरेश चंद्र पटेल, मोगल चंद्र पटेल, भुवनेश्वर महतो, चंदन कुमार, सुमन कुमार, महेंद्र यादव, घनश्याम महतो, तिलेश्वर महतो, सुखदेव राम मुंडा, शिव महतो, शमीम अंसारी, मो सफदर, प्रेम कुमार, प्रेमलता कुमारी, बीरबल महतो, ईश्वर महतो, खुशी लाल महतो, महेंद्र मुंडा, उषा देवी, आरती देवी, फुलेश्वरी देवी, नूतन कुमारी, ललिता कुमारी, तेतरी देवी, उर्मिला देवी, शांति देवी, कमलावती देवी, पालो देवी उपस्थित थे.

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Published by: Saroj tiwary

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