संजय शुक्ला की रिपोर्ट रामगढ़. दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन रविवार को रामगढ़ कैंट स्थित श्री दिगंबर जैन जिनालय और रांची रोड स्थित 1008 श्री पार्श्वनाथ जिनालय में उत्तम सत्य धर्म की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की गई. इस दौरान अभिषेक, पूजन और शांतिधारा का आयोजन हुआ. मध्य प्रदेश के सागर से पहुंचे पंडित संदीप शास्त्री ने विधि-विधान के साथ अभिषेक और पूजन कराया. मुनिश्री 108 पुण्यानंद जी महाराज के मुखारविंद से शांतिधारा संपन्न हुई.
सत्य को आचरण में उतारने का संदेश
मुनिश्री 108 शुभानंद जी महाराज ने उत्तम सत्य धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि सत्य को केवल वाणी तक सीमित नहीं रखना चाहिए. इसे विचार, व्यवहार और आचरण में भी धारण करना चाहिए. सत्य धर्म आत्मा की शुद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है. रामगढ़ कैंट स्थित जिनालय में भगवान महावीर, चंद्रप्रभु सहित अन्य प्रतिमाओं का अभिषेक किया गया. विभिन्न परिवारों ने अभिषेक और शांतिधारा में शामिल होकर पुण्यार्जन किया. रांची रोड स्थित जिनालय में भी श्रद्धालुओं ने अभिषेक और शांतिधारा में भाग लिया. शाम को आरती का आयोजन किया गया.
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बड़ी संख्या में शामिल हो रहे श्रद्धालु
अध्यक्ष राजेंद्र चूड़ीवाल ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के सभी आयोजनों में श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं. मौके पर मुनिश्री 108 पुण्यानंद जी महाराज, मुनिश्री 108 शुभानंद जी महाराज और क्षुल्लकश्री 105 दिव्यानंद जी महाराज संघ विराजमान हैं. अनुष्ठान में श्रवण जैन सहित जैन समाज के कई धर्मावलंबी भाग ले रहे हैं.
