रामगढ़: गिद्दी में पुलिस और अपराधियों के बीच शनिवार अहले सुबह हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार राहुल दुबे गिरोह के दो कथित गुर्गों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं. हालांकि जांच प्रभावित न हो, इसे देखते हुए पुलिस ने पूछताछ में सामने आये तथ्यों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है. पुलिस को मिले सुरागों के आधार पर गिद्दी और पलामू में हुई हाल की गोलीबारी की घटनाओं की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों के पास से तीन पर्चे बरामद हुए हैं. इन पर्चों को लेकर भी जांच की जा रही है. पुलिस ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि अपराधी किस वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे. हालांकि जांच में संकेत मिले हैं कि किसी कोयला कारोबारी को निशाना बनाने की योजना हो सकती थी. वारदात के बाद घटनास्थल पर पर्चा छोड़कर गिरोह के नाम का भय पैदा करने की भी आशंका जतायी जा रही है.
गिद्दी गोलीकांड की भी खुल सकती है गुत्थी
पुलिस की जांच का एक अहम बिंदु पिछले 25 जुलाई की शाम गिद्दी परियोजना के क्रशर मशीन के पास हुई गोलीबारी की घटना है. इस घटना में हाइवा के खलासी नयन कुमार उर्फ करण के दोनों पैरों में गोली मारी गयी थी. हजारीबाग पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने संकेत दिया है कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में इस घटना से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आयी हैं.
पुलिस अब राहुल दुबे गिरोह की गतिविधियों, उसके नेटवर्क और हाल में हुई आपराधिक घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है.
पलामू गोलीकांड से भी जुड़ रहे तार
जांच का दायरा गिद्दी तक सीमित नहीं है. पुलिस पलामू जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र के रजडेरवा गांव में फोरलेन निर्माण कार्य में लगे पश्चिम बंगाल के दो मजदूरों पर हुई गोलीबारी की घटना की कड़ियां भी खंगाल रही है. पूछताछ के दौरान पुलिस को इस मामले में भी कुछ सुराग मिलने की बात सामने आयी है. दोनों जिलों की पुलिस के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है.
दो गिरफ्तार, तीसरा अपराधी फरार
मुठभेड़ के दौरान घायल दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इनमें पतरातू हनुमानगढ़ी निवासी बादल कुमार और बासल थाना क्षेत्र के रसदा गांव निवासी मोहित कुमार उर्फ पीटर शामिल हैं. वहीं, मुठभेड़ के दौरान तीसरा अपराधी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया.
फरार अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापामारी कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि तीसरे आरोपी के पकड़े जाने के बाद गिरोह के नेटवर्क, उसकी गतिविधियों और हाल की आपराधिक घटनाओं को लेकर और भी अहम जानकारी सामने आ सकती है.
फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपी पुलिस के लिए गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने की अहम कड़ी बने हुए हैं. पूछताछ में सामने आ रहे तथ्यों और बरामद तीन पर्चों की जांच के बाद आने वाले दिनों में गिरोह की गतिविधियों और गिद्दी-पलामू गोलीकांड से जुड़े कई राज खुलने की संभावना है.
