कुजू (रामगढ़). सीसीएल करमा परियोजना में खनन कार्य बंद होने के बाद उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग और स्थानीय लोगों के लिए वैकल्पिक रोजगार के अवसर तलाशने को लेकर गुरुवार को जर्मनी की जिड संस्था, झारखंड सरकार और माक के अधिकारियों की टीम ने परियोजना का निरीक्षण किया. फिलिप जानसन के नेतृत्व में जर्मनी की टीम करमा परियोजना पहुंची. कुजू क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा एवं परियोजना पदाधिकारी रामेश्वर मुंडा ने टीम का स्वागत किया.
इको पार्क, मत्स्य पालन और सोलर प्रोजेक्ट की संभावनाएं देखीं
अधिकारियों ने परियोजना की भौगोलिक स्थिति, वर्तमान खनन गतिविधियों और खदान बंद होने के बाद उपलब्ध भूमि के संभावित उपयोग की जानकारी ली. भारत-जर्मनी सरकार के संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट के तहत माइंस क्लोजर के बाद रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई.
टीम ने इको पार्क, मत्स्य पालन और सोलर प्रोजेक्ट विकसित करने की संभावनाओं का जायजा लिया. पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा, स्वच्छता और रोजगार सृजन पर भी विचार-विमर्श किया गया.
सतत विकास के साथ अनधिकृत कब्जे पर रोक लगाने पर जोर
अधिकारियों ने अनधिकृत कब्जा और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ क्षेत्र के सतत विकास पर जोर दिया. निरीक्षण के बाद पौधरोपण किया गया.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दी गयी सिलाई मशीनें
सीएसआर के तहत आसपास के गांवों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीनें भी दी गयीं.
